उड़ीसा के कंधमाल जिले में धर्म परिवर्तन और पुन: धर्म परिवर्तन पिछले वर्ष हुए दंगे के मुख्य कारणों में थे. यह बात दंगे की जांच कर रहे एक न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कही है.
एक सदस्यीय पैनल का नेतृत्व करने वाले न्यायाधीश एस सी मोहपात्रा ने कंधमाल में हिंसा की अंतरिम रिपोर्ट में कहा, की मुख्य वजह भूमि विवाद, धर्म परिवर्तन और पुन: धर्म परिवर्तन एवं फर्जी सर्टिफिकट मुद्दे हैं. पिछले वर्ष कंधमाल में हिंसा के कारण 43 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा कई घरों एवं गिरिजाघरों को क्षति पहुंचाई गई थी. बहरहाल उन्होंने धर्म परिवर्तन एवं पुन: धर्म परिवर्तन मुद्दे पर विस्तृत जानकारी नहीं दी.
न्यायाधीश मोहपात्रा ने कहा, के आदिवासी और अनुसूचित जातियों के बीच संदेह दंगे का मुख्य कारण था. आदिवासियों को संदेह था कि दलित फर्जी तरीके से उनके जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भूमि, धर्म परिवर्तन और पुन: धर्म परिवर्तन के मुद्दों के अलावा फर्जी सर्टिफकट भी एक बड़ा कारण था जिसने कंधा आदिवासियों के बीच कलह पैदा किया. कंधमाल की कुल जनसंख्या में में कंधा आदिवासियां की जनसंख्या 52 फीसदी है.