भारतीय उच्चायोग ने कहा कि वह लंदन में क्वीन्स बेटन रिले के लिये एक कंपनी की सेवाएं लेने संबंधी विवाद पर सक्रिय रूप से निगाह रखे हुए है और समय आने पर वह आगे जानकारी जारी करेगा.
राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में अपने इस दावे को मजबूत करने के लिए ईमेल दिखाए कि विवादास्पद एके फिल्म्स की सेवाएं राजू सबेस्टियन की सिफारिश पर ली गई थी जो उच्चायोग का जूनियर रैंक का अधिकारी है.
उच्चायोग ने बयान में कहा, ‘‘ राष्ट्रमंडल आयोजन समिति की एक अगस्त 2010 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के संबंध में इस मसले पर सक्रिय रूप से निगाह रखी जा रही और आने वाले दिनों में जानकारी जारी की जाएगी.’ इससे पहले कार्यवाहक प्रवक्ता रबीश कुमार ने कहा कि उच्चायोग इस मामले के सभी पहलुओं पर गौर कर रहा है लेकिन उन्होंने इसके अलावा कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.
कलमाड़ी ने इससे पहले उच्चायोग के इस दावे को खारिज किया था कि उसने कोई सिफारिश नहीं की और कहा कि सिफारिश राजू सबेस्टियन की ओर से की गई.
कलमाड़ी ने कहा, ‘आयोजन समिति स्पष्ट करना चाहती है कि हमने भारतीय उच्चायोग के प्रथम सचिव (प्रोटोकाल) विक्रांत रतन को पत्र लिखकर परिवहन, ठहरने की व्यवस्था और अन्य सेवाओं के लिए एजेंसियों की सूची और उनकी स्वीकृत दर मुहैया कराने को कहा था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके जवाब में भारतीय उच्चायोग के प्रोटोकाल विभाग के राजू सबेस्टियन ने प्रथम सचिव विक्रांत रतन को ईमेल के संदर्भ में हमें सूचित किया कि परिवहन के लिए स्वीकृत कंपनी एएम कार एंड वैन कंपनी है.’