भारत तथा बांग्लादेश के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि उसकी योजना शिलॉन्ग होते हुए गुवाहाटी से ढाका के लिए नियमित यात्री बस सेवा शुरू करने की है. यह सेवा फिलहाल कोलकाता (पश्चिम बंगाल) व अगरतला (त्रिपुरा) से ढाका तक चलाई जा रही यात्री बस सेवाओं के अलावा होगी. इस संदर्भ में बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बातचीत कई महीनों से चल रही थी.
दिल्ली में जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सरकार ने गुवाहाटी से ढाका के लिए नियमित बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई है, जिसका परिचालन शिलॉन्ग होते हुए होगा. लगभग 500 किलोमीटर लम्बी यह बस सेवा शिलॉन्ग - दावकी (मेघालय) - ताम्बली (बांग्लादेश) - सिलहट - ढाका रूट पर शुरू की जाएगी.
मार्गों की दशा जांचने व अन्य तकनीकी मानकों के मूल्यांकन के लिए भारत व बांग्लादेश के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से अभ्यास व मार्ग सर्वेक्षण कार्य का निपटारा करेंगे. प्रयोग के तौर पर यह यात्रा 10 दिसंबर को गुवाहटी से शुरू होकर 12 दिसंबर को ढाका में समाप्त होगी और प्रतिनिधियों के व्यवहार्यता व अन्य जानकारियों के आधार पर ही नियमित बस सेवा शुरू की जाएगी.
परीक्षण परिचालन के दौरान, भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वित्त, गृह तथा विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि होंगे. इसके अलावा, असम तथा मेघालय की सरकारें भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगी.
- इनपुट IANS से