कुख्यात नौसेना वार रूम मामले में प्रमुख आरोपी रवि शंकरन के प्रत्यर्पण की कार्यवाही यहां शुरू हो चुकी है.
गौरतलब है कि शंकरन को लंदन की एक अदालत ने जमानत दे दी है और इसके बाद से उसे एक अस्थाई आवास में रखा गया है. मेट्रोपोलिटन पुलिस की प्रवक्ता ने कहा, ‘रवि शंकर वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में 22 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट पर पेश हुआ और वह हिरासत में है लेकिन फिलहाल उसे अदालत से जमानत दी जा रही है’.
ब्रिटिश कानून के तहत अदालत की जमानत के तहत आरोपी को उसके आवास में सीमित कर दिया जाता है और उसके घर के बाहर एक पुलिसकर्मी को तैनात कर दिया जाता है तथा उसे किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी जाती.
प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि शंकरन के प्रत्यर्पण की सुनवाई के बारे में अभी फैसला किया जाना है. सीबीआई के निदेशक अश्वनी कुमार ने गुरुवार को कहा था कि एजेंसी ने उस (शंकरन) के जल्द प्रत्यर्पण के लिए कहा है. पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश के संबंधी शंकरन को दिल्ली की एक अदालत ने चार साल पहले भगोड़ा घोषित कर दिया था और उसके खिलाफ 2006 में इंटरपोल नोटिस जारी किया गया था.
शंकरन पर आरोप है कि उसने हथियार विक्रेताओं को गोपनीय जानकारियां दी थी. शंकरन को गिरफ्तार करने के लिए उसके खिलाफ भारत की सभी आव्रजन चौकियों को 10 अप्रैल 2006 को लुक आउट नोटिस दिया गया था. इसके बाद उसके खिलाफ भारत की अदालत ने 21 अप्रैल 2006 को गैर जमानती वारंट जारी किया था.
चूंकि वह पहले ही देश से फरार हो गया था, इसलिए सीबीआई ने अप्रैल 2006 में उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने के लिए आग्रह किया था और इंटरपोल ने इसके बाद इस नोटिस को जारी कर दिया था.