भारतीय हाकी को झकझोर देने वाले सेक्स स्कैंडल में फंसे वीडियोग्राफर बासवराज को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है जबकि यौन उत्पीड़न के मामले में महिला टीम के कोच एम के कौशिक ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया.
हाकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा ने पत्रकारों से कहा कि कौशिक ने अंतरिम अध्यक्ष विद्या स्टोक्स को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और महिला हाकी के अधिकारियों की सुनवाई के बाद बत्रा ने कहा, ‘कौशिक ने अपना इस्तीफा हाकी इंडिया की अंतरिम अध्यक्ष विद्या स्टोक्स को सौंप दिया है.’
कौशिक 27 जुलाई से दक्षिण कोरिया में होने वाली एशियाई चैम्पियंस ट्राफी में टीम का हिस्सा नहीं होंगे. इस सेक्स स्कैंडल की जांच राजीव मेहता (अध्यक्ष), पूर्व खिलाड़ी जफर इकबाल, अजीत पाल सिंह और सुदर्शन पाठक का चार सदस्यीय पैनल करेगा. वीडियोग्राफर बासवराज की मार्च अप्रैल में चीन और कनाडा दौरे पर एक कॉलगर्ल के साथ तस्वीरें सामने आने पर भारतीय महिला हाकी सेक्स स्कैंडल के घेरे में आ गयी. बासवराज को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है.
बत्रा ने कहा कि चार सदस्यीय पैनल शुक्रवार को हाकी इंडिया को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा और हाकी इंडिया इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण को अपनी सिफारिशें भेजेगा. बत्रा ने कहा, ‘पैनल ने सभी पक्षों को सुना और उन्होंने अपना जवाब देने के लिये गुरुवार तक का समय मांगा है. {mospagebreak}
पैनल हमें अपनी रिपोर्ट सौंप देगा तो हम इसे आगे भेजेंगे.’ उन्होंने हालांकि कहा कि हॉकी इंडिया के पास वीडियोग्राफर और किसी अन्य कोचिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है. बत्रा ने कहा, ‘हम अपनी रिपोर्ट सिफारिशों के साथ साइ को सौंपेंगे, जो सरकारी सेवा नियम के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं. कोच और वीडियोग्राफर हमारे अधीन काम नहीं कर रहे थे. वे साइ के कर्मचारी थे.’
उन्होंने कहा, ‘मैंने कानूनी सलाह भी ले ली है. जब तक साबित नहीं हो जाता किसी को भी दोषी नहीं माना जा सकता. लेकिन यह काम साइ का है कि जो भी दोषी पाया जाये उसके खिलाफ कार्रवाई की जाये.’ यह पूछे जाने पर कि कितने खिलाड़ियों ने एक महिला खिलाड़ी के यौन उत्पीड़न के आरोप में हाकी इंडिया को लिखे पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं तो बत्रा ने कहा, ‘खिलाड़ियों के अलावा 31 अन्य खिलाड़ियों ने उस खिलाड़ी का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किये हैं.’
पैनल के एक सदस्य जफर इकबाल ने हालांकि यह कहते हुए कौशिक को एक तरह से आरोपों से मुक्त कर दिया कि उनके खिलाफ महिला खिलाड़ी के आरोप दमदार नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि यह आरोप दमदार नहीं है. इसे पहले ही निपटा लिया जाना चाहिए था. यह छह महीने से चल रहा है. मैं किसी का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन जो दोषी हों उन्हें सजा मिलनी चाहिए.’ इकबाल ने कहा, ‘लेकिन कौशिक 1991 से टीम से जुड़े हैं और पहले उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं आयी है. उन्होंने हमारे साथ हाकी खेली है और हम उन्हें जानते हैं.’