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झारखंड: भात-भात कहते मर गई 11 साल की बच्ची, CM ने दिए जांच के आदेश

सीएम ने तत्काल पीड़ित परिवार को 50 हजार की सहायता देने का निर्देश दिया. सिमडेगा के डीसी ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमिटी ने मौत की  जांच की थी जिसमें यह बात सामने आई है कि बच्ची की मौत मलेरिया से हुई है. मुख्यमंत्री ने डीसी को 24 घंटे में स्वयं जांच करने का निर्देश दिया.

भूख से हुई मौत भूख से हुई मौत

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास मंगलवार को सिमडेगा पहुंचे और जिलाधिकारी  से 11 वर्ष की एक लड़की की कथित रूप से भूख से हुई मौत के मामले में जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ख़बर से बहुत पीड़ा हुई है. साथ ही सिमडेगा के उपायुक्त को 24 घंटे में स्वयं पूरे मामले की निष्पक्षता से और त्वरित जांच करते हुए रिपोर्ट सौपने के निर्देश दिया. मुख्यमंत्री  ने कहा कि भूख से मौत के मामले में सत्यता पाई जाती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पीड़ित परिवार को पचास हजार की सहायता

सीएम ने तत्काल पीड़ित परिवार को 50 हजार की सहायता देने का निर्देश दिया. सिमडेगा के डीसी ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमिटी ने मौत की जांच की थी जिसमें यह बात सामने आई है कि बच्ची की मौत मलेरिया से हुई है. मुख्यमंत्री ने डीसी को 24 घंटे में स्वयं जांच करने का निर्देश दिया.

क्या है मामला ?

सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड के कारिमाटी गाँव में विगत दिनों हुई 11 साल की बच्ची की मौत का रहस्य दिनों दिन गहराता जा रहा है.  प्रशासन जहां इसे बीमारी की वजह से हुई मौत बता रहा है वहीं, परिजन इसे भूख से  हुई मौत बता रहे हैं. सिमडेगा के सुदूरवर्ती प्रखंड जलडेगा में गरीबी से त्रस्त 11 साल की  संतोषी की पिछले दिनों मौत हो गई थी. संतोषी एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी तथा गरीबी के कारण उसे पढ़ाई छोड़ बकरी चराने पर विवश होना पड़ा था. बकरी चराने के एवज में उसे एक शाम का खाना मिल जाता था लेकिन बीमार होने के कारण वह बकरी चराने नहीं जा पा रही थी जिसके वजह से उसे एक शाम का भी खाना नसीब नहीं हुआ. बताया जाता है कि उसके परिवार को पिछले 7 महीनों से राशन का अनाज नहीं मिला था. राशन डीलर की लापरवाही से उसका राशन कार्ड गुम हो गया था और  उसका दूसरा राशन कार्ड नहीं बन पाया था.

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