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घरेलू हिंसा मामला: हाईकोर्ट पहुंची डिंपल कपाडिया

सुपरस्टार राजेश खन्ना की पत्नी और अभिनेत्री डिंपल कपाडिया ने घरेलू हिंसा के एक मामले को खारिज करने के लिए बंबई उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है.

डिंपल कपाडिया डिंपल कपाडिया

सुपरस्टार राजेश खन्ना की पत्नी और अभिनेत्री डिंपल कपाडिया ने घरेलू हिंसा के एक मामले को खारिज करने के लिए बंबई उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है.

दरअसल, दिवंगत कलाकार राजेश खन्ना के साथ सहजीवन के रिश्ते का दावा करने वाली महिला अनीता आडवाणी ने डिंपल और उनके परिवार पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था.

अनीता आडवाणी ने डिंपल और अन्य के खिलाफ शिकायत में दावा किया है कि खन्ना के निधन के बाद उनके बांद्रा स्थित बंगले ‘आशीर्वाद’ से उन्हें बाहर कर दिया गया. अनीता ने अभिनेता की संपत्ति से गुजारा भत्ते की भी मांग की.

डिंपल ने अपनी याचिका में कहा है कि वह खन्ना की कानूनी तरीके से ब्याहता हैं और कोई अन्य महिला उनके पति की संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा नहीं कर सकती. डिंपल ने अनीता की शिकायत पर बांद्रा के मजिस्ट्रेट द्वारा उनके तथा अन्य परिजनों के खिलाफ जारी नोटिस को भी चुनौती दी.

इस शिकायत में अनीता ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए खन्ना की संपत्ति में से मासिक गुजारा भत्ता मांगा था. डिंपल ने दलील दी कि मजिस्ट्रेट को ‘बेबुनियाद’ आरोपों वाली शिकायत स्वीकार नहीं करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट के लिए यह सुझाव देना भी 'अतार्किक' है कि उन्हें और उनके परिवार को शिकायतकर्ता के साथ समझौते के लिए आगे बढ़ना चाहिए. न्यायाधीश ने अनीता की शिकायत पर इस सप्ताह की शुरुआत में डिंपल, उनकी बेटियों ट्विंकल और रिंकी, अभिनेता दामाद अक्षय कुमार को समन जारी करते हुए उनहें इन सवालों के जवाब देने के लिए निजी रूप से अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था.

डिंपल के साथ अक्षय कुमार ने भी उच्च न्यायालय ने भी याचिका दायर करके उनकी इस बात का समर्थन किया कि अनीता को खन्ना की संपत्तियों में हिस्सेदारी का दावा करने का कोई अधिकार नहीं है. माना जाता है कि यह संपत्ति करीब 500 करोड़ रुपये की है.

सूत्रों ने कहा कि खन्ना की बेटियों ट्विंकल कुमार और रिंकी सरन उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की प्रक्रिया में हैं. डिंपल और अक्षय ने उच्च न्यायालय द्वारा मामला निबटाने तक बांद्रा मजिस्ट्रेट के समक्ष सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की. न्यायमूर्ति केयू चांदीवाल के समक्ष तीन दिसंबर को इस याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है.

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