गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर बयान दिया. उन्होंने दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया. साथ ही उन्होंने कहा कि हिंसा में जो दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी जाति, मजहब या पार्टी का हो.
एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि दंगाइयों की पहचान के लिए आधार का इस्तेमाल नहीं किया गया है. कल मीडिया हाउसों ने गलती से आधार का जिक्र कर दिया. दूसरी सबसे बड़ी बात, कि यहां दंगों में कितने निर्दोषों की जान चली गई और आप निजता भंग होने की बात कर रहे हैं. ऐसे मामलों में तो पुलिस को अधिकार होना चाहिए कि वह सही तरीके से निष्पक्ष जांच कर सकें.
ये भी पढ़ें- दिल्ली हिंसा: PFI के अध्यक्ष परवेज और सचिव इलियास गिरफ्तार
Union Home Minister Amit Shah in Rajya Sabha: The culprits, they may be of any religion, caste or party, they will not be spared. They will be brought before the law. #DelhiViolence pic.twitter.com/cyZsosdoaB
— ANI (@ANI) March 12, 2020
'1100 से ज्यादा लोगों की पहचान की जा चुकी'
गृह मंत्री ने सदन में बताया कि दिल्ली हिंसा में अबतक 1100 से ज्यादा लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें 336 लोग यूपी से आए थे. अमित शाह ने कहा कि ये सवाल उठता है कि यूपी के लोगों को क्यों कहा जा रहा है तो मैं बता दूं कि दिल्ली में जहां हिंसा हुई उसकी सीमा यूपी से लगती है, हिंसा के दौरान यूपी से लोग आए, इसका हमारे पास प्रमाण भी है.
ये भी पढ़ें- NPR से डरने की जरूरत नहीं, नहीं लगेगा डाउट का 'D': अमित शाह
उन्होंने कहा कि दिल्ली हिंसा में अबतक 700 से ज्यादा एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं. जो हथियार बरामद किए गए उनमें देशी और ऑटोमैटिक दोनों शामिल हैं. हिंसा में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए 40 से ज्यादा टीमें बनाई गईं हैं.