दिल्ली और आसपास के राज्यों में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया है और यूपी, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब में क्रॉप बर्निंग को रोकने के लिए कदम उठाया गया है. इस आदेश के अनुसार पेपर इंडस्ट्री और बोर्ड इंडस्ट्री किसानों से फसल का वो हिस्सा खरीदेंगे, जो कि वो खेत में जला देते हैं. इससे एक तरफ किसानों को आर्थिक मदद मिलेगी और दूसरी तरफ फसलों के अवशेष को जलाने से होने वाले प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी.
हाईकोर्ट ने यूपी, हरियाणा, राजस्थान व पंजाब आदि राज्यों को आदेश दिया है कि वो अपने इलाके मे आने वाली सभी पेपर कंपनी, बायोमास प्लांट, पॉवर जेनरेशन प्लांट, सीमेंट प्लांट चलाने वालों को किसानों से फसलों के अवशेष खरीदने के निर्देश जारी करें. दिल्ली-एनसीआर में फसलों के अवशेष के जलाने से होने वाले प्रदूषण के मद्देनजर हाईकोर्ट ने ये आदेश दिया है.
कोर्ट ने कहा कि ये कंपनियों की सामाजिक जिम्मेदारी है. कोर्ट ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को फसलों के अवशेष जलाने से रोकने के लिए प्रत्येक राज्य में बनी विशेष कमेटी से हर सप्ताह रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने मंत्रालय और केंद्र सरकार को सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने पर नजर रखने को कहा है.
कोर्ट ने कहा कि हर हफ्ते राज्य सरकारें फसलों के अवशेष जलाने से रोकने के लिए की गई अपनी कार्रवाई रिपोर्ट कोर्ट में जमा करें. 1 अक्टूबर से यह काम शुरू हो जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में इस विषय पर ज्यादा काम करने की जरूरत है. फसलों के अवशेष जलाने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज करने व जुर्माना लगाने जैसे नियमों का सख्त पालन हों.
साथ ही दिल्ली की लैंडफिल साइट्स को लेकर भी दिल्ली हाइकोर्ट ने संबंधित एजेंसियो को कोर्ट मे हलफनामा देने को कहा है. एनएचएआई को कहा है कि वो बताए कि सड़क निर्माण मे वो कूड़े का इस्तेमाल कैसे कर रहा है.