scorecardresearch
 

4 घंटे में तय होगी दिल्ली से अमृतसर की दूरी, एक्सप्रेस-वे पर खर्च होंगे 25 हजार करोड़

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अमृतसर से गुरुदासपुर तक की सड़क भी पूरी तरह विकसित होगी और इसे पूरी तरह सिग्नल मुक्त बनाया जाएगा.

Advertisement
X
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की बैठक
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की बैठक

  • गडकरी ने की संपर्क मार्ग को विकसित करने की घोषणा
  • पहले चरण में लगभग 25 हजार करोड़ का निवेश होगा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेस-वे के हिस्से के रूप में सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खादूर साहिब से अमृतसर शहर के लिए एक नए ग्रीनफील्ड संपर्क मार्ग को विकसित करने की घोषणा की.

उन्होंने कहा कि अमृतसर से गुरुदासपुर तक की सड़क भी पूरी तरह विकसित होगी और इसे पूरी तरह सिग्नल मुक्त बनाया जाएगा. इसकी वजह से सड़क मार्ग के यात्रियों के पास नाकोदर से गुरुदासपुर से आगे यात्रा करने का विकल्प होगा. इसके साथ ही वे अमृतसर और करतारपुर के रास्ते भी जा सकते हैं.

गडकरी ने कहा कि कहा कि यह ग्रीनफील्ड मार्ग न केवल अमृतसर शहर के लिए बल्कि सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खादूर साहिब और हाल ही में विकसित डेरा बाबा नानक/करतारपुर साहब अंतरराष्ट्रीय गलियारा के लिए भी सबसे छोटा और वैकल्पिक एक्सप्रेस संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा.

Advertisement

इस एक्सप्रेस-वे के साथ अमृतसर से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की यात्रा की दूरी वर्तमान 8 घंटों से घटकर लगभग चार घंटे की हो जाएगी. उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लोगों की एक प्रतीक्षित मांग को पूरी करेगा. एक्सप्रेस-वे के पहले चरण में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल होगा.

चक्रवात निसर्ग का अलर्ट, मुंबई में तेज हवाओं के साथ बारिश, NDRF की टीमें तैनात

गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भारतमाला परियोजना के तहत दिल्ली अमृतसर-कटरा-एक्सप्रेस-वे का विकास आरंभ किया है. एक्सप्रेस-वे को जनवरी 2019 में अंतिम रूप दिया गया और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ हो गई थी.

हाल ही में एक्सप्रेस-वे का मुद्दा केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी द्वारा नितिन गडकरी के समक्ष उठाया गया था. ये मुद्दा सांसद (राज्यसभा) श्वेत मलिक, सांसद (लोकसभा) गुरजीत सिंह औजला, पंजाब सरकार, सिख संगठनों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों द्वारा भी उठाया गया था. गौरतलब है कि शुरुआत में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव रखा था.

Advertisement
Advertisement