कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है. लॉकडाउन 4.0 में सरकार की ओर से कई रियायतें दी गई हैं. हालांकि, मंदिर, मस्जिद को लेकर पाबंदियां जारी हैं. लेकिन सरकार ने लॉकडाउन में छूट को लेकर राज्यों को भी फैसला लेने का अधिकार दिया था. इस बीच, कर्नाटक सरकार ने अब मंदिरों को लेकर अहम फैसला लिया है.
राज्य सरकार ने 1 जून से मंदिरों को खोलने का निर्णय लिया है. हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा. मंदिरों के पुजारी और भक्त दोनों मंदिर खोलने की मांग कर रहे थे. कर्नाटक में करीब 34, 500 मंदिर 1 जून से भक्तों के लिए खुल जाएंगे.
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इससे पहले उत्तराखंड में बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले गए थे. हालांकि, लॉकडाउन के कारण यहां पर भक्तों को आने की इजाजत नहीं है. उधर लॉकडाउन के कारण लोगों की नौकरियां जा ही रही हैं.
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हाल ही में लॉकडाउन का असर देश के सबसे अमीर मंदिर पर भी पड़ा. आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में कार्यरत 1300 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया. इन कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक्ट 30 अप्रैल को खत्म हो गया और मंदिर प्रशासन ने 1 मई से कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करने से मना कर दिया है.
दरअसल, तिरुपति बालाजी मंदिर प्रबंधन ने कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे 1300 कर्मचारियों को 1 मई से काम पर आने से मना कर दिया. मंदिर प्रशासन ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से काम बंद है, इसलिए अब इन 1300 कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट 30 अप्रैल से आगे नहीं बढ़ा पाएंगे.
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