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संविधान दिवस आज, अमित शाह बोले- एकता और अखंडता के लिए हम कटिबद्ध

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, संविधान के एक सच्चे प्रहरी के रूप में मोदी सरकार बाबासाहेब आंबेडकर जी के आदर्शों पर चलते हुए 130 करोड़ देशवासियों के कल्याण के संकल्प के साथ देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की फाइल फोटो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की फाइल फोटो

देश में आज संविधान दिवस मनाया जा रहा है. इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, 'संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को एकता के सूत्र में बांधने वाला हमारा संविधान संघात्मक भी है और एकात्मक भी. संविधान दिवस के अवसर पर देश को एक प्रगतिशील संविधान देने वाले बाबासाहेब आंबेडकर और इसको अक्षुण्ण बनाए रखने वाले सभी राष्ट्रभक्तों को नमन.'

अमित शाह ने कहा, 'संविधान के एक सच्चे प्रहरी के रूप में मोदी सरकार बाबासाहेब आंबेडकर जी के आदर्शों पर चलते हुए 130 करोड़ देशवासियों के कल्याण के संकल्प के साथ देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है. समस्त देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.'

संसद के सेंट्रल हॉल में कार्यक्रम

संविधान दिवस (26 नवंबर) पर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाया गया है. संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित कर सकते हैं. इस मौके पर नेशनल यूथ पार्लियामेंट स्कीम का वेब पोर्टल भी लांच होगा.

70 साल पहले 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को अपनाया गया था. बाद में 26 जनवरी 1950 को इसे देश में लागू किया गया. 11 अक्टूबर, 2015 को मुंबई में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. संविधान दिवस आयोजन के पीछे मकसद है जनता में इसको लेकर जागरूकता फैलाने और डॉ. अंबेडकर के योगदान से सभी को परिचित कराने की.

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