पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मैंने राज्यपाल से कभी लड़ाई नहीं की. वो ऐसी स्थिति क्यों पैदा कर रहे हैं. सीएम ममता ने कहा कि हमें पता है कि आदेश कहां से आ रहे हैं. यहां तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हमसे इस तरह का बर्ताव नहीं किए हैं.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच का अनबन नया नहीं है. इससे पहले भी ममता और धनखड़ के बीच का मतभेद सामने आ चुका है. हाल ही में राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उनकी यात्रा के लिए ममता सरकार ने हेलीकॉप्टर देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद दोनों के बीच वार-पलटवार भी हुए थे.
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा था कि उन्होंने एक हेलीकॉप्टर के लिए आग्रह किया था, जिसका जवाब राज्य प्रशासन ने नहीं दिया. इस कारण उन्हें 300 किलोमीटर की यात्रा सड़क मार्ग से करनी पड़ी. धनखड़ मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का स्थित एस.एन.एच. कॉलेज की रजत जयंती समारोह में पहुंचना था.
धनखड़ ने कहा था, '300 किलोमीटर की दूरी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से एक हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था. दुर्भाग्यवश राज्य सरकार ने जो जवाब दिया, वह कोई खास नहीं था. इसलिए हमने राजभवन के माध्यम से इस ओर ध्यान देने का फिर आग्रह किया. कोई जवाब नहीं दिया गया. इस बारे में एक संदेश मुख्यमंत्री को भेजा गया.'
धनखड़ ने कहा था कि राज्य प्रशासन को राज्यपाल के संदेश को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'मेरे पास जो मुख्यमंत्री का कोई संदेश आता है, मैं जवाब देने में 24 घंटे से ज्यादा विलंब नहीं करता.'
इससे पहले, राजभवन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी इस मुद्दे को प्रमुखता दी गई थी और कहा गया था, 'राज्यपाल श्री धनखड़ को एक दिन में लगभग 600 की यात्रा सड़क मार्ग से करनी पड़ी, क्योंकि हेलीकॉप्टर के लिए किए गए आग्रह का राज्य सरकार ने समय पर अनुकूल जवाब नहीं दिया.'
यही नहीं, इससे पहले राज्यपाल ने नदिया जिले के शांतिपुर जाने के लिए एक हेलीकॉप्टर की मांग की थी. राज्य सरकार ने उस समय भी उनके आग्रह को यह कहकर ठुकरा दिया था कि हेलीकॉप्टर का उपयोग चक्रवाती तूफान बुलबुल से हुई तबाही से पीड़ित लोगों के लिए राहत कार्य में किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाम लिए बिना 'मनोनीत व्यक्ति' कहकर धनखड़ पर प्रहार किया था और उन पर 'भाजपा का मुंहनाल (बाजे का वह हिस्सा, जिसे मुंह में लगाया जाए)' की तरह व्यवहार करने और 'समांतर प्रशासन चलाने' का आरोप लगाया था.