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CAA के खिलाफ SC पहुंचे चंद्रशेखर आजाद, कानून को बताया SC-ST विरोधी

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ अभी तक सड़क पर लड़ाई लड़ रहे चंद्रशेखर आजाद ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है. बुधवार को इस कानून के खिलाफ आजाद ने सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की.

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर (फाइल फोटो) भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर (फाइल फोटो)

  • नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ SC पहुंचे चंद्रशेखर
  • भीम आर्मी प्रमुख ने कानून को SC/ST एक्ट का उल्लंघन बताया
  • पहले से ही दायर हैं 144 से अधिक याचिकाएं

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने भी सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ याचिका दायर की है. बुधवार को चंद्रशेखर की ओर से सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की गई है. इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये कानून SC/ST एक्ट का उल्लंघन करता है.

भीम आर्मी चीफ लगातार इस कानून का विरोध कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इसी कानून पर दायर की गई 144 याचिकाओं पर सुनवाई हुई, हालांकि चंद्रशेखर की याचिका इनसे अलग है.

बता दें कि चंद्रशेखर आजाद ने बीते दिनों जामा मस्जिद पर CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, इसी के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. काफी लंबे समय तक वो तिहाड़ जेल में रहे, हालांकि दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी.

दिल्ली आने की मिल चुकी है इजाजत

भीम आर्मी चीफ को पहले चार हफ्ते के लिए दिल्ली से बाहर रहने का आदेश दिया गया था. लेकिन मंगलवार को ही तीस हजारी कोर्ट ने उन्हें सशर्त दिल्ली आने की इजाजत दी है. चंद्रशेखर को दिल्ली आने से पहले जिस स्थान पर जाना है उस थाने के DSP को जानकारी देनी होगी.

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सुप्रीम कोर्ट में चार हफ्ते बाद होगी सुनवाई

बुधवार को सर्वोच्च अदालत में नागरिकता संशोधन एक्ट के मसले पर सुनवाई हुई. अदालत में इस कानून के खिलाफ 140 से अधिक याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनपर अब चार हफ्ते के बाद सुनवाई होगी. कोर्ट ने केंद्र को चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है और पांचवें हफ्ते में इसपर सुनवाई होगी.

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सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ ही कई याचिकाओं की अलग कैटेगरी बनाई है. सुप्रीम कोर्ट में अब असम, पूर्वोत्तर और उत्तर प्रदेश से जुड़ी इन याचिकाओं पर अलग से सुनवाई हो होगी. पांच हफ्ते के बाद होने वाली अगली सुनवाई में सर्वोच्च अदालत इस मसले को संविधान पीठ के पास भेजने का फैसला ले सकती है.

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