पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान लगातार गोलीबारी कर रहा है. शनिवार को भी पाकिस्तान की ओर से राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से लगती भारत-पाक अंर्तराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की. पाकिस्तान की तरफ से यह फायरिंग सीमा से सटे हिंदुमलकोट इलाके में हुई. हालांकि, इस गोलीबारी में किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है.
इस गोलीबारी से भारत-पाक सीमा से सटे गांवों में दहशत का माहौल पैदा हो गया. सहमे हुए किसानों ने पाक की ओर से की गई गोलीबारी की सूचना सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों को दी. सूचना पाकर बीएसएफ के अधिकारी ने सीमा के पास बने चौकी पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी मामले की जांच कर रहें हैं, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हेमंत शर्मा ने बताया, 'सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से जिन लोगों ने फायरिंग की है, वह शिकारी हैं. सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने पड़ोसी देश के अधिकारियों को शिकार की गतिविधियों पर अंकुश लगाने को कहा है.'
बता दें कि राजस्थान में सीमा से सटे इलाकों में स्थानीय लोगों के जीवन यापन का एक मात्र सहारा खेती है. यहां पाकिस्तान की ओर से कभी-कभार ही गोलीबारी होती है. इसके बावजूद बीएसएफ के अधिकारी भी पूरे इलाके में 24 घंटे निगरानी रखते हैं. इसलिए किसान खेतों में आसानी से आते-जाते हैं. ऐसे में अचानक पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी के कारण गांव के लोगों में भय का माहौल है.
राजौरी में भी संघर्ष विराम का उल्लंघन
इधर, जम्मू कश्मीर के राजौरी में शनिवार को पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई, जिसका भारतीय जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित चौकियों और गांवों को निशाना बनाया और संघर्ष विराम का उल्लंघन किया.
रक्षा प्रवक्ता ने बताया, 'शाम लगभग साढ़े चार बजे पाकिस्तान ने बिना उकसावे के नौशेरा सेक्टर में एलओसी के पास मोर्टारों और छोटे हथियारों से गोलाबारी की. सेना इसका दृढ़ता और प्रभावी ढंग से जवाब दे रही है. सीमा पार गोलीबारी में भारत की ओर किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है.'
पुलवामा हमले के बाद घाटी में सीमा पर हलचल बढ़ गई है. भारत ने भी जवानों को मुस्तैद रहने को कहा है, साथ ही सेना को सामने से किसी भी हरकत का दोगुने ताकत से प्रहार करने की खुली छूट दे दी गई है. जम्मू कश्मीर में भी आतंकी हमले के मद्देनजर छापेमारी और पुलिस द्वारा संदिग्धों को हिरासत में लेने का सिलसिला जारी है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाली ताकतों के खिलाफ बड़ी जवाबी कार्रवाई की बात कही है.