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मोदी सरकार ने महंगाई बढ़ाकर लोगों से त्योहार मनाने का हक छीना- वृंदा करात

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए करात ने कहा, "मोदी जी की किस्मत से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिर गई हैं लेकिन टैक्स के चलते देश में तेल की कीमतों में आग लगी है और  त्योहारों के अवसर पर जहां लोगों को ज्यादा खरीदने की क्षमता होनी चाहिए वहां महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और लोगों के लिए  त्योहार मनाना मुश्किल हो गया है".

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मोदी सराकर पर सीपीएम नेता का कड़ा हमला
मोदी सराकर पर सीपीएम नेता का कड़ा हमला

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका में असहिष्णुता और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र की  मोदी सरकार पर जमकर हमला किया. इस पर लेफ्ट पार्टी ने राहुल गांधी के बहाने सरकार को आड़े हाथ लिया है. सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा, "राहुल गांधी क्या कहते हैं वह मुझे नहीं पता और ना ही से इससे फर्क पड़ता है लेकिन मैं यह जानती हूं कि आज देश का किसान आंदोलित है उत्तर प्रदेश के जिस किसान को डेढ़ लाख रुपए का कर्ज बकाया है योगी सरकार ने उसे 19 पैसे का मुआवजा देकर जख्मों पर नमक लगाया है."

मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए वृंदा करात ने पूछा यह सरकार नहीं सरकार का मजाक है. महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए करात ने कहा, "मोदी जी की किस्मत से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिर गई हैं लेकिन टैक्स के चलते देश में तेल की कीमतों में आग लगी है और त्यौहारों के अवसर पर जहां लोगों को ज्यादा खरीदने की क्षमता होनी चाहिए वहां महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और लोगों के लिए त्योहार मनाना मुश्किल हो गया है".

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वृंदा करात ने कहा कि ऐसे में जब त्योहारों में लोगों को सस्ती चीनी और तेल की जरूरत है मोदी सरकार ने हर आवश्यक चीजों की कीमतें बढ़ा कर आम आदमी से  त्योहार  मनाने का अधिकार छीन लिया है.

सीपीएम नेता करात ने कहा कि सरकार कस्टम और एक्साइज ड्यूटी लगा कर अपनी जेब भर रही है और जनता को त्यौहारों के मौसम में दुखी कर दिया है. वहीं राहुल गांधी के असहिष्णुता पर दिए बयान पर बोलते हुए करात ने कहा कि यह शब्द बहुत ही कमजोर है क्योंकि आज जो देखा जा रहा है वह सीधे-सीधे संवैधानिक अधिकारों का हनन और हमला है, फिर चाहे किसी भी धर्म और मजहब के लोग हों.

मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए वृंदा करात ने यहां तक कहा कि लोगों को अब अपने धर्म के पालन की आजादी भी नहीं है. लोग बेहद परेशान हैं पीड़ित हैं और आंदोलित हैं. उन्होंने कहा ''कौन क्या बोल रहा है मैं नहीं कह सकती हूं, मैं यह जरूर कह सकती हूं कि आज हिंदुस्तान की जनता संविधान के बचाव में, धर्मनिरपेक्षता के बचाव में और अपनी जीविका के बचाव में एक हो रही है."

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