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राम जन्मभूमि विवादः बाबरी मस्जिद के समर्थन में आए डीएमके नेता ए राजा

राजा ने 12 वर्ष तक संपत्ति पर काबिज रहने के बाद उस पर अधिकार के कानूनी प्रावधान का जिक्र किया और इस आधार पर मस्जिद के दावे को मजबूत बताया.

प्रतीकात्मक चित्र प्रतीकात्मक चित्र

  • राजा ने 12 वर्ष काबिज रहने के बाद कानूनी हक का किया जिक्र
  • कहा, तीन लाख साल पहले जन्मे राम, उसका भी नहीं है सबूत

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि विवाद की प्रतिदिन सुनवाई चल रही है. कोर्ट ने 18 अक्टूबर तक जिरह पूरी करने को कह दिया है. विवाद के निपटारे के संकेतों के बीच श्रीराम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद के पक्ष में बयानबाजियां भी तेज होने लगी हैं.

भारतीय जनता पार्टी के गिरिराज सिंह द्वारा फैसला श्रीराम मंदिर के पक्ष में आने के बयान के बाद अब डीएमके नेता ए राजा बाबरी मस्जिद के समर्थन में उतर आए हैं. राजा ने 12 वर्ष तक संपत्ति पर काबिज रहने के बाद उस पर अधिकार के कानूनी प्रावधान का जिक्र किया और इसे आधार बना मस्जिद के दावे को मजबूत बताया.

ए राजा ने कहा कि कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के मकान में उसकी जानकारी में 12 वर्ष रह जाता है, करों का भुगतान के साथ ही सरकार की अन्य प्रक्रियाएं पूरी करते हैं, तब वह संपत्ति उसकी हो जाती है. यह कानून कहता है.

उन्होंने कहा कि वहां 400 साल से मस्जिद है. राम का जन्म तीन लाख साल पहले हुआ था और इसका कोई सबूत भी नहीं है. ऐसे में फैसला बाबरी मस्जिद के पक्ष में आना चाहिए. हालांकि राजा ने साथ ही कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि अनुच्छेद 370 में बदलाव होगा, लेकिन उसमें बदलाव हो गया. बाबरी मस्जिद के मामले में क्या होगा, यह अब तक नहीं पता.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच सदस्यीय पीठ सुनवाई कर रही है. रंजन गोगोई नवंबर में सेवा निवृत हो रहे हैं. ऐसे में उनके अवकाश ग्रहण करने से पहले मामले में फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है.

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