तमिलनाडु में पार्टी के एक पदाधिकारी की हालिया हत्या पर बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भगवा संगठनों के सदस्यों पर हमले की घटनाओं में बढ़ोतरी की निंदा की और कांग्रेस से पूछा कि क्या राष्ट्रवादी होना का अपराध है.
गुरुवार को आडवाणी तमिलनाडु में पार्टी के प्रदेश महासचिव वी रमेश की हत्या पर आयोजित एक शोक सभा में शामिल हुए. 19 जुलाई को वी रमेश की हत्या कर दी गई थी. इसी वजह से वे दिल्ली में आरएसएस और बीजेपी नेताओं की अहम बैठक में शरीक नहीं हुए.
बीजेपी नेता ने कांग्रेस को तो जमकर लताड़ा लेकिन राज्य में अन्नाद्रमुक सरकार पर हमला नहीं बोला. उन्होंने हत्या की जांच के लिए एक विशेष जांच डिवीजन (एसआईडी) का गठन किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री जयललिता का शुक्रिया अदा किया.
आडवाणी ने ये सवाल उठाया कि तमिलनाडु राज्य में पिछले एक साल में बीजेपी, आरएसएस और हिंदू मुनानी कार्यकर्ताओं की हत्या और उनपर हमले की घटनाओं में वृद्धि क्यों हुई है. आडवाणी ने कहा कि क्या एक देशभक्त होना या राष्ट्रवादी होना या राष्ट्र के विकास और प्रगति में बाधा डालने वाले का विरोध करना अपराध है. यही सवाल है जिसे मैं केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी से करना चाहता हूं.
उन्होंने कहा कि हत्या को एक औजार के रूप में क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है, यह सवाल है जो मैं केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी से यह सवाल पूछना चाहता हूं. देशभक्तों और राष्ट्रवादियों की हत्या कर देश में गैर राष्ट्रवाद विरोधी रोष को नहीं रोका जा सकता.
आडवाणी ने एसआईडी का गठन किए जाने पर जयललिता का शुक्रिया अदा करते हुए उनसे मामले की जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और वास्तविक दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की.