मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अपनी केरल इकाई में मची उठापटक को खत्म करने के लिये राज्य के अपने सबसे वरिष्ठ नेता और प्रदेश के मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन को संगठन के सिद्धांतों का उल्लंघन करने और अनुशासन तोड़ने के आरोप में पार्टी पोलित ब्यूरो से निकाल दिया.
मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे अच्युतानंदन
इस कदम के बाद भी अच्युतानंदन हालांकि मुख्यमंत्री बने रहेंगे. साथ ही वे माकपा की केन्द्रीय समिति के सदस्य भी रहेंगे. मुख्यमंत्री के प्रमुख विरोधी तथा माकपा की केरल इकाई के सचिव पिनारायी विजयन पार्टी की कार्रवाई से बच गए. दल की केन्द्रीय समिति ने उनकी कथित संलिप्तता वाले एसएनसी लवलीन घोटाला मामले का जिक्र करते हुए कहा कि विजयन किसी भी भ्रष्ट गतिविधि में शामिल नहीं हैं.