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अस्पताल से लौटे बालकृष्ण का आलोचकों को जवाब- सपने देखकर वक्त बर्बाद न करें

आचार्य बालकृष्ण ने इशारों-इशारों में उनको भी जवाब दिया जो उनकी बीमारी पर तरह-तरह की बातें बना रहे थे. बालकृष्ण ने कहा कि कुछ लोग कुछ सपने देख रहे हैं, ऐसे लोगों से वे कहना चाहेंगे कि सपने देखकर अपना वक्त बर्बाद न करें.

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आचार्य बालकृष्ण (फोटो-Twitter/Ach_Balkrishna)
आचार्य बालकृष्ण (फोटो-Twitter/Ach_Balkrishna)

  • आलोचकों को बालकृष्ण का जवाब-सपने देखकर वक्त बर्बाद न करें
  • तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए थे बालकृष्ण
  • आचार्य बालकृष्ण ने अपने शुभचिंतकों को धन्यवाद कहा है
योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण स्वस्थ होकर काम पर लौट गए हैं. पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ बालकृष्ण मंगलवार को बाबा रामदेव के साथ योग करने आए इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और कहा कि आप सबकी भावनाओं, संवेदनाओं और प्रार्थनाओं के लिए हम आपके आभारी हैं और धन्यवाद इसके लिए बहुत छोटा शब्द है. इस मौके पर आचार्य बालकृष्ण ने इशारों-इशारों में उनको भी जवाब दिया जो उनकी बीमारी पर तरह-तरह की बातें बना रहे थे. बालकृष्ण ने कहा कि कुछ लोग कुछ सपने देख रहे हैं, ऐसे लोगों से वे कहना चाहेंगे कि सपना देखकर अपना वक्त बर्बाद न करें.

आचार्य बालकृष्ण ने अपने संबोधन का वीडियो ट्विटर पर जारी किया है. इस वीडियो में बालकृष्ण कह रहे हैं, "आप सबकी भावनाओं, संवेदनाओं और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद...इसके लिए ह्रदय की गहराइयों से कृतज्ञता का भाव है." बालकृष्ण ने कहा कि अब और भी दृढ़ता और ऊर्जा के साथ हम काम करें इसके लिए संकल्प लेते हैं. उन्होंने कहा कि आप ने जिन गहराइयों से, जिन भावनाओं से जो प्रार्थना की है वो आचार्य बालकृष्ण के लिए नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति-परंपरा और योग आयुर्वेद के लिए किया गया है.

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अपने आलोचकों पर निशाना साधते हुए आचार्य बालकृष्ण ने कहा, "कुछ लोग दिवास्वपन भी देख रहे थे, उनके लिए ये है कि समय बर्बाद न करें तो अच्छा है...बाकी उनकी मर्जी है, उनके लिए हम क्या कहें...बाकी जो आपका स्वप्न है...तो जरूर पूरा करेंगे."

बता दें कि पिछले शुक्रवार को आचार्य बालकृष्ण की तबीयत बिगड़ गई थी, इसके बाद उन्हें ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि जन्माष्टमी पर एक व्यक्ति पेड़ा लेकर आया था, जिसे खाने के बाद आचार्य बालकृष्ण को कुछ घंटे की बेहोशी आ गई थी. एम्स में कुछ घंटे तक इलाज के बाद बालकृष्ण स्वस्थ होकर वापस आ गए थे.

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