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भारत के खराब प्रदर्शन का खामियाजा भुगत सकते हैं श्रीकांत

इंग्लैंड में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन से चयन नीतियों पर काफी सवाल उठाये जा रहे हैं और अचानक से श्रीकांत की अगुवाई वाला पैनल 19 और 20 सितंबर को होने वाली बोर्ड की आम सालाना बैठक में जांच के घेरे में आ जायेगा.

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इंग्लैंड में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन से चयन नीतियों पर काफी सवाल उठाये जा रहे हैं और अचानक से श्रीकांत की अगुवाई वाला पैनल 19 और 20 सितंबर को होने वाली बोर्ड की आम सालाना बैठक में जांच के घेरे में आ जायेगा.

इस पैनल का एक समय एक साल का कार्यकाल बढ़ा सुनिश्चित लग रहा था. बीसीसीआई के सचिव और भावी अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने जवाब दिया, ‘इसका फैसला आम सालाना बैठक में किया जायेगा.’

बीसीसीआई संविधान के अनुसार राष्ट्रीय चयनकर्ता का कार्यकाल चार साल के लिये होता है जिसमें तीसरे साल के अंत में कार्यकाल बढ़ाने का विकल्प है.

उत्तर क्षेत्र के यशपाल शर्मा ने चार साल पूरे कर लिये हैं. विश्व कप के बाद उनके अलावा पश्चिम क्षेत्र के सुरेंद्र भावे, पूर्वी क्षेत्र के राजा वेंकट और मध्य क्षेत्र के नरेंद्र हिरवानी के साथ श्रीकांत के कार्यकाल के बढ़ने की उम्मीद लगायी जा रही थी. लेकिन इंग्लैंड में लगातार तीन टेस्ट मैचों में मिली शिकस्त से इस पैनल के भविष्य पर कुछ सवाल उठ गये हैं.

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