उत्तर भारत के लोगों पर मुम्बई में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) और शिवसेना के हमलों के विरोध में आज जंतर मंतर पर बिहार के युवाओं के संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया और राज ठाकरे का पुतला दहन किया.
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युवा भारत फाउंडेशन के तत्वावधान में जंतर मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में मुम्बई में गरीब आटो रिक्शा चालकों और उत्तर भारत के लोगों को पीटे जाने की घटना की कड़ी निंदा की गई.
फाउंडेशन के सचिव अमिताभ भूषण ने संवाददाताओं से कहा कि मुम्बई किसी एक व्यक्ति, परिवार या दल की रियासत नहीं है बल्कि पूरे देश की है. उन्होंने कहा कि जब मुम्बई पर आतंकी हमला होता है या कोई विपदा आती है तो ठाकरे परिवार की आवाज सुनाई नहीं देती है. विदर्भ में मराठी लोग आत्महत्या कर रहे हैं तो इनके कल्याण के लिए मनसे या शिवसेना पहल नहीं करती है.
देखें मुंबई में कैसे हुआ उत्तर भारतीयों पर जुल्म
फाउंडेशन के संयोजक भवेश नंदन झा ने कहा कि मनसे और शिवसेना का जोर केवल गरीब लोगों पर चलता है जिनके साथ मारपीट और गुंडागर्दी कर वे बहादुरी समझते है.
गौरतलब है कि मुम्बई में बुधवार को मनसे कार्यकर्ताओं ने आटो रिक्शा चालकों की पिटाई की थी.
मजदूर नेता शरद राव की अगुवाई वाले मुंबई ऑटोरिक्शा-चालक संघ के अगले महीने से बेमियादी हड़ताल पर जाने की धमकी को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने धमकी दी थी.
अपनी मांगों को लेकर मुम्बई की रफ्तार थामने के लिए ऑटो यूनियन को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के खरीखोटी सुनाने के बाद प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल शिवसेना ने भी ट्रेड यूनियन के नेता शरद राव को निशाना बनाया है.