रक्षामंत्री ए के एंटनी ने नौ सेना के कोमोडोर सुखजिंदर सिंह को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला किया. रूस में अप्रैल 2010 में आपत्तिजनक हालत में उनकी कथित तस्वीरें सामने आई थीं.
यह अधिकारी उस भारतीय दल के प्रमुख के तौर पर कार्य कर रहा था जो विमानवाहक पोत एडमिरल गोर्शकोव के सुसज्जीकरण की देखरेख कर रहा था.
कोमोडोर सुखजिन्दर सिंह 2005 से 2007 तक भारतीय युद्धपोत अधीक्षक के तौर पर मास्को में तैनात थे और गोर्शकोव के सुसज्जीकरण कार्य की देखरेख कर रहे थे. इसी दौरान उनका उस महिला के साथ अवैध संबंध बना.
इस मामले की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर एंटनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘उन्हें (सिंह) सेवामुक्त किया जायेगा. वह अब सेवा में नहीं रहेंगे.’ सिंह का सेवाकाल अभी दो वर्ष शेष है और उन्हें तत्काल बोरिया बिस्तर समेटना होगा.
सिंह के संबंधों की दास्तान उनकी तीन वर्ष मास्को में नियुक्ति के बाद अप्रैल 2010 में जाहिर हुई जब रक्षा मंत्रालय के संज्ञान में उस महिला से उनके अवैध संबंधों से जुड़ा चित्र सामने आया.
इस चित्र के सामने आने के बाद नौसेना ने उनके खिलाफ कोर्ट आफ एनक्वायरी का आदेश दिया और महिला के साथ उनके संबंध की पुष्टि के साथ यह भी पता लगाने को कहा कि क्या इस संबंध से एडमिरल गोर्शकोव सौदा किसी मायने में प्रभावित तो नहीं हुआ है.
कोर्ट आफ एनक्वायरी में इस बात की पुष्टि हुई कि सिंह के महिला के साथ अवैध संबंध थे लेकिन खराब नैतिक आचरण से 44,570 टन के युद्धपोत के सुसज्जीकरण कार्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा.
जांच पूरी होने के बाद नौसेना ने आगे की कार्रवाई के लिए रक्षा मंत्रालय को फाइल भेज दी.
रूस की ओर से विमानवाहक युद्धपोत एडमिरल गोर्शकोव के सुसज्जीकरण के लिए बार बार कीमतों में इजाफे की मांग करने के बाद दोनों पक्ष इस सौदे पर पिछले वर्ष 2.33 अरब डालर की राशि पर सहमत हुए.