रातोंरात अमीर बनने का ख्वाब दिखाने वाली कंपनियों की धोखा धड़ी जारी है. ताजा मामला लखनऊ का है. जहां एक चिटफंड कंपनी के ऊपर लोगो का दो सौ करोड़ रुपया लेकर फरार होने का आरोप लगा है.
लखनऊ के कृष्णा नगर थाने में लोगों ने जमकर हंगामा किया. वजह यूनिमैक्सल नेटसेल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी. रातोंरात अमीर बनने के लालच में लोगों ने यूनिमैक्सल में निवेश किया लेकिन कंपनी रातोंरात ही ताला लगाकर चंपत हो गई.
यूनिमैक्सल कंपनी लखनऊ में एलडीए कॉलोनी के मंगलम प्लाजा कॉम्प्लेक्स से चलती थी. कंपनी अपने ग्राहकों से 11 हजार रुपये मेंबरशिप फीस लेती थी. बदले में 50 फीसदी से ज्यादा की दर से महीने भर में 6 हजार रुपये देती थी. कंपनी के देश में करीब डेढ़ लाख निवेशक हैं और कुल घोटाले की रकम करीब दो सौ करोड़ रुपये है.
यूनिमैक्सल कंपनी के फ्रांड का पता तब चला, जब लोगों के चेक बाउंस हुए. हारकर लोगों ने पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दी. निवेशकों के मुताबिक यूनिमैक्सल के मालिक सुरेश चौधरी और ए के भारती हरदोई के बेनीगंज इलाके के रहने वाले हैं. दोनों ने ये धंधा इसी साल जनवरी में शुरु किया था.