वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने हसन अली मामले में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी का संज्ञान लिया है और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.
पुणे के घोड़ा व्यापारी एवं अस्तबल मालिक हसन अली पर काले धन की बड़ी राशि को विदेशों में छुपाकर रखने का आरोप है.
मुखर्जी ने कहा कि इस पर ध्यान दिया जा रहा है. हमने उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी का संज्ञान लिया है और इस पर सभी प्रकार की उचित कार्रवाई की जाएंगी.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक ने शुक्रवार को खान पर निगाह रखने का एक सकुर्लर जारी किया, ताकि वह देश छोड़कर नहीं जा सके.
खान पर आठ अरब रुपये से अधिक राशि को स्विस बैंक में रखने का आरोप है. उसे 2009 में करीब 40,000 करोड़ रुपये का कर नोटिस दिया गया था.
उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को को इस मामले में सुनवाई के दौरान सवाल किया था कि हसन अली और उस जैसे अन्य लोगों को जांच एजेन्सियां अब तक हिरासत में लेकर पूछताछ क्यों नहीं कर पायी हैं, जबकि एजेन्सियों के पास उनके खिलाफ पर्याप्त दस्तावेजी सामाग्री मिल चुकी है.
न्यायालय ने इस मामले में सरकार की खिंचाई करते हुये कहा कि लगता है सरकार में काले धन जमा करने वालों के खिलाफ ‘इच्छा शक्ति’ नहीं है. अदालत ने इस रवैये से खिन्न होकर टिप्पणी की कि इस देश में क्या नरक मचा हुआ है.