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एशियाड गोल्ड की उम्मीद नहीं की थी: विकास

भारत को 12 बरस के बाद एशियाड की मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण दिलाने वाले युवा सनसनी विकास कृष्ण ने कहा वे सीनियर स्तर पर अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेल रहे थे, इसलिए उन्होंने कभी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद नहीं की थी.

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भारत को 12 बरस के बाद एशियाड की मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण दिलाने वाले युवा सनसनी विकास कृष्ण ने कहा वे सीनियर स्तर पर अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेल रहे थे, इसलिए उन्होंने कभी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद नहीं की थी.

हरियाणा के 18 साल के मुक्केबाज विकास ने पिछले विजेता मेजबान चीन के क्वींग हु को 60 किलो वजन वर्ग में हराकर देश को 12 साल के बाद मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक दिलाया. इसके अगले दिन ओलम्पिक पदक विजेता विजेन्द्र सिंह (75किलो) ने भी स्वर्ण पदक जीता.

विकास ने कहा, ‘‘स्वर्ण पदक हमेशा ही मुश्किल होता है. मैंने सोचा था कि मै बेहतर से बेहतर करूंगा, लेकिन स्वर्ण पदक जीतूंगा यह नहीं सोचा था. मैं बता नहीं सकता कि मैं कितना खुश हूं.’’ यह पूछने पर कि स्वर्ण पदक के लिये हुए मुकाबले के दौरान उन्होंने अपने को कैसे नियंत्रित रखा, विकास ने कहा,‘‘ मैंने सोचा कि मैं टीम में सबसे युवा खिलाड़ी हूं और अगर जीतता हूं तो अच्छा और अगर नहीं जीत पाता हूं, तो कोई शिकायत नहीं करेगा, क्योंकि मैं 'अनुभवी मुक्केबाज नहीं हूं.'

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फाइनल में पराजित होने वाले मुक्केबाज द्वारा रिंग के बाहर विकास को 'एक्टर' कहे जाने के बारे में विकास ने कहा, ‘‘मैंने उसको कहा, एक्टर हार सकते हैं, लेकिन असली मुक्केबाज कभी नहीं हारते. मैंने तुम्हें हरा दिया है, इसलिये मैं असली हूं.’’ उन्होंने कहा कि फाइनल में जाने से पहले वे यह जानते थे कि यहां उसका विरोधी मुक्केबाज पिछला विजेता है और इसलिये वह ज्यादा मजबूत होगा, लेकिन वे उससे ज्यादा मजबूत निकला, जितना मैंने सोचा था.{mospagebreak}

विकास से पहले 1998 के एशियाड में डिंको सिंह ने स्वर्ण पदक जीता था. भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने एशियाड में शानदार प्रदर्शन करने वाले मुक्केबाजों को मंगलवार को सम्मानित किया. स्वर्ण पदक जीतने के लिये विकास को 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया. दिनेश कुमार (81 किलो), वी संतोष (64 किलो) और मनप्रीत सिंह को रजत पदक जीतने पर 50 हजार जबकि कांस्य जीतने वाले परमजीत समोटा (91 किलो) और सुरंजय सिंह (52) को 25 हजार रुपये दिये गये.

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