बिहार में पंचायत चुनावों के लिये पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
पंचायत चुनावों के पहले चरण में राज्य के 37 जिलों के 57 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम कचहरी पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के सदस्यों सहित कुल 28 हजार 639 पदों के लिए मतदान हुआ.
पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने वाले एक पीठासीन अधिकारी और जिला परिषद सदस्य पद के तीन प्रत्याशियों सहित कुल 501 लोगों को एहतियात के तौर पर गिरफ्तार किया गया.
उन्होंने बताया कि भोजपुर में 74, नालंदा में 70, गोपालगंज में 50, सारण में 46, सहरसा में 33, मुजफ्फरपुर में 24, सीतामढ़ी में 16, शेखपुरा में 14, पूर्वी चंपारण में सात, जहानाबाद में पांच, सीवान में 18, शिवहर में 10, अररिया में 25, नवादा में आठ, भागलपुर में चार और पटना में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान कुल 94 वाहन जब्त किये गये और 61,300 रुपये नकद बरामद किये गये.
प्रदेश के सीतामढ़ी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सुरसंड प्रखंड के बीरख पंचायत में मतदान केंद्र संख्या तीन पर पुलिस द्वारा आठ वर्षीय एक बच्चे की पिटाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने शोर शराबा किया. बीरख गांव की ओर गश्त करने पहुंचे सुरसंड प्रखंड विकास पदाधिकारी के दल पर आक्रोशित लोगों ने हमला कर दिया.
सुरसंड बीडीओ को कोई चोट नहीं आयी, लेकिन उनका सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. घटना में दो पुलिसकर्मियों को भी चोट आयी. सीतामढ़ी जिले के सुप्पी प्रखंड अंतर्गत मरपा पंचायत में मुखिया पद का प्रत्याशी राजकुमार सिंह घर में बम बनाते हुए मंगलवार देर रात बुरी तरह घायल हो गया और इलाज के लिए मुजफ्फरपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गयी. इस घटना में तीन अन्य लोग भी घायल हुये.
नवादा जिले में कौवाकोल प्रखंड अंतर्गत छनौन पंचायत के खंडसारी गांव में एक मतदान केंद्र पर पुलिस बल और मतदान केंद्र पर कब्जा करने वाले अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसके बाद बूथ लुटेरों को पकड़ लिया गया. खंडसारी गांव में ही पुलिस ने छापामारी कर मतदाताओं को धमकाने के आरोप में जमुई जिले के चार लोगों को धर दबोचा.
पटना में मसौढ़ी प्रखंड पर एक मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी पर एक खास प्रत्याशी को समर्थन देने का आरोप लगाकर लोगों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया. घटना के बाद पीठासीन पदाधिकारी को बदल दिया गया. पंचायत चुनाव के संपन्न प्रथम चरण में कुल 1.43 लाख प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया. बिहार में 10 चरणों में संपन्न होने वाला यह पंचायत चुनाव आगामी 18 मई को समाप्त होगा.