दिल्ली को दुनिया के चार शीर्ष शहरों में स्थान मिला है. पहले ली कुआन यू वर्ल्ड सिटी प्राइज में दिल्ली को यह सम्मान मिला है. समारोह में राजधानी के लोगों का जीवनस्तर सुधारने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के चमत्कारिक और प्रतिबद्ध नेतृत्व की सराहना की गई.
दीक्षित के प्रयासों की वजह से ही दिल्ली एक रहने के योग्य शहरों की सूची में शीर्ष चार में आ पाई है. इस सूची में दिल्ली के अलावा आस्ट्रेलिया का मेलबर्न, ब्राजील का क्यूरीटिबा तथा स्पेन का बिलबाओ शामिल हैं. विश्व शहर सम्मेलन 2010 के दौरान मंगलवार को यह घोषणा की गई. इस पुरस्कार के लिए 32 देशों से 72 शहरों के आवेदन मिले थे.
ली कुआन यू वर्ल्ड सिटी प्राइज की समिति के बयान में कहा गया है, ‘दिल्ली के लोगों का जीवनस्तर सुधारने में शीला दीक्षित के चमत्कारिक और प्रतिबद्ध नेतृत्व की बड़ी भूमिका है. सीमित संसाधनों तथा योजना प्रक्रिया में सीमित नियंत्रण के बावजूद दीक्षित कई परियोजना आधारित पहल को आगे बढ़ा सकी हैं.’ बयान में कहा गया है कि उन्होंने दिल्ली के हरित क्षेत्र को आज की तारीख में बढ़ाकर 300 वर्ग किलोमीटर तक पहुंचा दिया है, जो 1997 में मात्र 26 वर्ग किलोमीटर था.
साथ ही उन्होंने दिल्ली में स्वच्छ सीएनजी ईंधन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दीक्षित के राजधानी को हरित शहर में तब्दील करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के विशेष सचिव केशव चंद्रा दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की बसों में सीएनजी की सफलता के बारे में जानकारी दी.
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में बोलते हुए चंद्रा ने बिजली के क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया और बताया कि दिल्ली में बिजली के पारेषण से होने वाली हानि अब घटकर 18 प्रतिशत पर आ गई है. 2002 में बिजली हानि 52 फीसदी थी. चंद्रा ने कहा, ‘हम बिजली पारेषण हानि को अगले एक साल के दौरान 12 प्रतिशत पर लाने का प्रयास कर रहे हैं.’
समारोह के दौरान दीक्षित के हरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि दिल्ली में 11 लाख पौधे लगाए गए हैं. साथ ही स्कूल स्तर पर किए गए उनके प्रयासों की वजह से आज बच्चे अभिभावकों को प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करने से रोक रहे हैं.