इराकी कस्बे हलबजा पर जहरीली गैस से हमला करने में शामिल सद्दाम हुसैन के करीबी रिश्तेदार अली हसन अल माजिद उर्फ ‘केमिकल अली’ को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए आज चौथी बार मौत की सजा सुनाई गई.
न्यायाधीश ने अली हसन अल माजिद को दोषी ठहराया और उसके खिलाफ फैसला सुनाया। इसके साथ ही पीड़ितों के परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई.
सद्दाम हुसैन के शासनकाल में अपने अत्याचारों, खासतौर पर अस्सी और नब्बे के दशक में शिया एवं कुर्द समुदाय के लोगों पर ज्यादती करने वाले अली को पहले ही तीन बार सजा ए मौत सुनाई जा चुकी है. ईरान की सीमा के पास हलबजा कस्बे पर वर्ष 1988 में हमले में शामिल सद्दाम के अन्य अधिकारियों को कारावास की सजा मिली.
इस हमले में करीब 5,000 लोग मारे गए थे. इनमें तीन चौथाई संख्या महिलाओं और बच्चों की थी. यह हमला सर्वाधिक भीषण गैस हमला माना जाता है.
पूर्व रक्षामंत्री सुल्तान हशीम अल ताइए को 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई. इराक के मिल्रिटी इंटेलीजेंस के पूर्व निदेशक साबिया अजीजी अल दौरी को भी यही सजा दी गई. मिल्रिटी इंटेलीजेंस के पूर्व आला अधिकारी फरहान मुत्लाक अल जुबौरी को दस वर्ष के कारावास की सजा दी गई.