भाजपा ने घोषणा की कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में वह सपा या बसपा में से किसी के भी साथ चुनावी गठबंधन नहीं करेगी और सत्ता में नहीं आने की स्थिति में भी वह इनमें से किसी दल के साथ मिलकर सरकार बनाने में सहयोग नहीं करेगी.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने यहां पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उद्घाटन भाषण में दावा किया, ‘उत्तर प्रदेश में दिन-ब-दिन भाजपा की स्थिति में जबर्दस्त सुधार आ रहा है. वहां के आगामी विधानसभा चुनाव के नतीजे युगांतकारी और चमत्कारी होंगे.’
उत्तर प्रदेश में फिर से अपने बलबूते पार्टी के सत्ता में लौटने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा होने में कोई चूक रह गयी तो पार्टी सपा या बसपा के साथ सरकार बनाने के लिये किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेगी. इसकी बजाय पार्टी विपक्ष में बैठना पसंद करेगी.’
गडकरी ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश में है. जब-जब संप्रग को केंद्र में समर्थन की जरूरत होती है तो बसपा और सपा तुरंत समर्थन में खड़ी हो जाती हैं और जब ये दल समर्थन देते हैं तब सीबीआई कहती है कि मुलायम सिंह और मायावती के खिलाफ मामले में दम नहीं है. हमें इस तिकड़ी से लड़ना है.
बाद में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने गडकरी के इस भाषण की जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा ने राष्ट्रीय लोक दल से भी गठबंधन संबंधी कोई बातचीत नहीं की है क्योंकि पार्टी महसूस करती है कि पूरे राज्य में वह (भाजपा) बहुत सशक्त स्थिति में है.
यह पूछे जाने पर कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिये भाजपा की ओर से किस चेहरे को पेश किया जायेगा, प्रसाद ने कहा, ‘उचित समय आने पर पार्टी इस बारे में निर्णय करेगी.’