दिल्ली उच्च न्यायालय ने भगोड़ा घोषित अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की मां और बहन की वह याचिका खरिज कर दी, जिसमें उनकी सम्पत्ति को कुर्क करने की केंद्र सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव को चुनौती दी गई है.
दाऊद की मां और बहन मुम्बई में सात आवासीय सम्पत्तियों की मालकिन हैं. इनमें से दो दाऊद की मां अमीना बी के नाम से और पांच उसकी बहन हसीना इब्राहिम पार्कर के नाम से हैं.
इन आलीशान कोठियों का मूल्य करोड़ों रुपये है. सरकार का मानना है कि दाऊद ने ये सम्पत्तियां अवैध तरीके से अर्जित की थीं, इसलिए इन्हें अधिग्रहीत किया जाना चाहिए.
न्यायमूर्ति बदर दुर्रेज अहमद और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने गुरुवार को एकल न्यायाधीश वाली खंडपीठ के फैसले को बरकार रखते हुए कहा कि अमीना बी और हसीना को मुम्बई में उनकी सम्पत्तियों को जब्त किए जाने से सम्बंधित नोटिस दिए जा चुके हैं. ये नोटिस तस्करी एवं विदेशी मुद्रा विनिमय जुगाड़ी (सम्पत्ति जब्ती) अधिनियम (एसएएफईएमए) के तहत जारी किए गए.
अदालत ने कहा, 'दस्तावेजों से पता चलता है कि आपको नोटिस दिए गए हैं और आपने निर्धारित अवधि 45 दिन के भीतर (कानून के तहत अवधि 15 दिन और बढ़ाई जा सकती थी) उसे चुनौती नहीं दी. इसलिए आपकी याचिका खारिज की जाती है.'
अमीना बी और हसीना पार्कर ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें नोटिस नहीं मिले थे, इसलिए दक्षिणी मुम्बई के नागपाड़ा स्थित उनकी सम्पत्तियों की कुर्की पर रोक लगाने की कार्यवाही की जाए.