सुप्रीम कोर्ट ने 2जी मामले में तिहाड़ जेल में बंद कॉरपोरेट जगत की पांच बड़ी हस्तियों को जमानत दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों के पांच शीर्ष अधिकारियों को तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया. इस फैसले से पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा तथा द्रमुक सांसद कनिमोझी समेत मामले में अन्य आरोपियों को जमानत मिलने की उम्मीद बंधी है. ये सभी पिछले करीब छह महीने से जेल में बंद हैं.
न्यायाधीश जीएस सिंघवी तथा न्यायाधीश एचएल दत्तु की पीठ ने कंपनियों के पांच शीर्ष अधिकारियों को छोड़ने का आदेश दिया. इनमें यूनिटेक लि. के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, स्वान टेलीकाम के निदेशक विनोद गोयनका तथा रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के अधिकारी हरी नायर, गौतम दोषी तथा सुरेन्द्र पिपारा शामिल हैं.
शीर्ष अदालत ने जमानत शर्त के तहत इन सभी को पांच-पांच लाख रुपये के दो मुचलके मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश के पास जमा करने को कहा. न्यायाधीश दत्तु ने फैसला पढ़कर सुनाया.
दिल्ली उच्च न्यायालय तथा निचली अदालत के आदेश को आरोपियों ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. दोनों अदालतों ने इन अधिकारियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
सीबीआई ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था और कहा था कि उन्हें राहत के लिये सुनवाई अदालत के पास जाना चाहिए.
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. सुनवाई के दौरान आरोपियों ने दलील दी कि मामले में आरोप तय किये जा चुके हैं और ऐसे में साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की कोई संभावना है. अत: उन्हें जमानत दी जानी चाहिए.
कनिमोई तथा चार अन्य की जमानत याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई एक दिसंबर को होने वाली है. यह पहला मौका है जब 2जी घोटाला मामले में किसी आरोपी को जमानत मिली है.
मामले में अन्य आरोपियों में राजा के निजी सचिव आर के चंदोलिया तथा पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा शामिल हैं. चंदोलिया निलंबित आईआरएस अधिकारी है.
जिन अन्य लोगों को मामले में गिरफ्तार किया गया है, उनमें स्वान टेलीकाम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा, उनके रिश्तेदार आसिफ बलवा तथा उनके सहयोगी राजीव अग्रवाल के अलावा द्रमुक के स्वामित्व वाली कलैगनर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार तथा मुंबई के फिल्म निर्माता करीम मोरानी शामिल हैं.
2जी मामले में सीबीआई के आरोपपत्र में तीन दूरसंचार कंपनियों-रिलायंस टेलीकाम लि., स्वान टेलीकाम तथा यूनिटेक (तमिलनाडु) वायरलेस लि. के नाम आरोपियों की सूची में शामिल हैं.
सीबीआई ने घोटाले के सिलसिले में 14 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है. राजा को उनके निजी सचिव चंदोलिया तथा पूर्व दूरसंचार सचिव बेहुरा के साथ सबसे पहले दो फरवरी को गिरफ्तार किया गया था.
जिन कंपनियों के अधिकारियों को जमानत दी गयी है, उन्हें 20 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था.
कनिमोई के अलावा जिन चार अन्य आरोपियों ने जमानत के लिये उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, उनमें कलैगनर टीवी के प्रबंध निदेशक कुमार, कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स प्राइवेट लि. के निदेशक बलवा तथा राजीव अग्रवाल तथा फिल्म निर्माता मोरानी शामिल हैं.