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बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के सामने 14 चुनौतियां

राजनाथ सिंह बीजेपी के नाथ तो बना दिए गए. वाजपेयी और आडवाणी के साथ दो बार अध्यक्ष पद संभालने वाले नेताओं की फेहरिश्त में शामिल हो गए. लेकिन पार्टी के हालात जैसे हैं उसमें ये कांटो भरा ताज ही फिलहाल दिख रहा है.

राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह बीजेपी के नाथ तो बना दिए गए. वाजपेयी और आडवाणी के साथ दो बार अध्यक्ष पद संभालने वाले नेताओं की फेहरिश्त में शामिल हो गए. लेकिन पार्टी के हालात जैसे हैं उसमें ये कांटो भरा ताज ही फिलहाल दिख रहा है.

मिशन 2014 में जुटे राजनाथ के सामने 14 चुनौतियां हैं, जिससे पार पाए बगैर करिश्मा की उम्मीद नहीं की जा सकती. सवाल यही है कि क्या राजनाथ सिंह सियासत में मंझधार में फंसी बीजेपी की नैया को पार लगाने में कामयाब हो पाएंगे? बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने साफ कर दिया कि राजनाथ के सामने कितनी चुनौतियां होंगी.

1. 2014 चुनाव के बाद बीजेपी बनाएगी सरकार?
राजनाथ की सबसे बड़ी चुनौती है 2009 के अधूरे मिशन को 2014 में पूरा करना. राजनाथ सिंह के लिए चुनौतियों की फेहरिश्त तो बहुत लंबी है लेकिन उन्हें सबसे पहले चुनावी मोर्चे पर इम्तिहान देना होगा. अब सवाल यह है कि राजनाथ सिंह यह कर पाएंगे.

2. राहुल गांधी की युवा रणनीति की कैसे ढूढ़ेंगे काट?
क्या राजनाथ सिंह की अगुवाई में बीजेपी कांग्रेस में राहुल गांधी की युवा रणनीति का तोड़ तलाश पाएगी?

3. बीजेपी में पीएम के कितने दावेदार?
एक अनार सौ बीमार की तर्ज में बीजेपी में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर मारामारी को खत्म कराने में कामयाब होंगे राजनाथ?

4. नरेंद्र मोदी को साध पाएंगे राजनाथ सिंह?
अध्यक्ष बनने के बाद राजनाथ सिंह ने नरेन्द्र मोदी को बीजेपी संसदीय बोर्ड से बाहर कर दिया था. गुजरात में हैट्रिक लगाने के बाद मोदी का कद जिस तरीके से बढ़ा है और मोदी जिस तरह से पुराना हिसाब किताब बराबर करने में माहिर हैं, उसमें क्या राजनाथ मोदी के साथ संतुलन बना कर चलने में कामयाब होंगे?

5. बीजेपी-संघ में संतुलन कायम रख पाएंगे?
बीजेपी के आला नेताओं के दबाव में संघ ने शह और मात के खेल में अपने पसंदीदा मोहरे नितिन गडकरी को पीछे कर लिया, लेकिन बदलते हालात में संघ और बीजेपी को साथ लेकर चलना भी राजनाथ के लिए बड़ी चुनौती होगी.

6. मोदी-नीतीश को साथ ला पाएंगे?
नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार को साथ लेकर चलने की चुनौती होगी.

7. गठबंधन के पुराने सहयोगियों से बीजेपी का होगा गठजोड़?
तो 2014 में बीजेपी को सरकार बनाना है तो पुराने सहयोगियों को साथ लाने का भी हुनर राजनाथ को दिखाना होगा.

8. यूपी बीजेपी में जान फूंक पाएंगे राजनाथ?
अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश को फिर से बीजेपी का गढ़ बनाने की चुनौती है.

9. विधानसभा चुनावों में बीजेपी के गढ़ बचाने की चुनौती
इस साल होने वाले मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बीजेपी के दुर्ग को अजेय बनाने का हुनर भी उन्हें दिखाना होगा, तो राजस्थान और दिल्ली में सत्ता में वापसी पर उनके कद को आंका जाएगा.

10. बीजेपी को एकजुट रखने की चुनौती?
कभी चाल, चरित्र और चेहरे को तरजीह देने वाली बीजेपी के बड़े नेताओं में अहम के टकराव को खत्म कर बीजेपी में बिखराव को रोकना भी राजनाथ के एजेंडे में उपर होगा.

11. कर्नाटक का नाटक कैसे संभालेंगे राजनाथ?
अध्यक्ष बनते ही जिस तरह से कर्नाटक का नाटक शुरु हो गया, उससे निपटने की चुनौती होगी.

12. भ्रष्टाचार पर बीजेपी की कैसे बचेगी साख?
पार्टी नेताओं के भ्रष्टाचार को लेकर बीजेपी को कड़ा रुख अपनाना होगा, ताकि बीजेपी की साख बच सके.

13. सक्रिय विपक्ष की भूमिका में बीजेपी को लौटाना
सबसे अहम तो सक्रिय विपक्ष की भूमिका में बीजेपी की नाकामी को लेकर सवाल को खत्म करना है. जिस तरह से बीजेपी की जगह अरविंद केजरीवाल की नई नवेली पार्टी तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने में आगे रहीं हैं, उस तेवर को फिर से हासिल करने की दम दिखाना होगा.

14. महंगाई, काला धन, जन लोकपाल और चुनाव सुधार पर बीजेपी का रुख
बीजेपी को ये साफ करना होगा कि महंगाई, काले धन, जन लोकपाल और चुनाव सुधार के मुद्दों पर पार्टी का रुख क्या है?

माथे पर तिलक लगाने वाले राजनाथ सियासत में समीकरण बैठाने में माहिर हैं. संगठन में लगातार काम करने की वजह से जमीनी हकीकत से वाकिफ है. बीजेपी नेताओं को लगता है कि पहले की तुलना राजनाथ ज्यादा बेहतर तरीके से इन चुनौतियों से निपटने में कामयाब रहेंगे.

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