भ्रष्टाचार और घूसखोरी की इंटरनेशनल रेटिंग में भारत का स्थान देखकर आप शर्मिंदा हो सकते हैं, लेकिन ईमानदारी का एक पहलू ऐसा भी है जो हमें गर्व करने की वजह देता है. एक नए अध्ययन में पाया गया है कि गिरा हुआ बटुआ लौटाने के मामले में देश की व्यावसायिक राजधानी मुंबई दुनिया भर में दूसरे नंबर पर है.
बटुए में थे 3000 रुपये
प्रयोग के नतीजों के मुताबिक, मुंबई निवासी औसतन 12 में से 9 बटुए उनके मालिकों तक पहुंचा देते हैं. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, प्रयोग के दौरान इन बटुओं में 3000 रुपये रखे गए थे, जो जाहिर है, छोटी रकम तो नहीं है.
चार देशों के 16 शहरों में यह यह प्रयोग किया गया. कुल 192 बटुए शॉपिंग मॉल्स, फुटपाथ और पार्कों में गिराए गए. इन बटुओं के अंदर उनके मालिकों के फोन नंबर, बिजनेस कार्ड और फैमिली फोटो भी थे. इन बटुओं में 50 डॉलर या इतनी ही स्थानीय मुद्रा रखी गई थी.
फिनलैंड की राजधानी सबसे ईमानदार
प्रयोग से पता चला कि 47 फीसदी बटुए लौटा दिए गए. फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी ईमानदारी के मामले में पहले नंबर पर रही. यहां के लोगों ने औसतन 12 में से 11 बटुए लौटा दिए.
ज्यूरिख ने औसतन 4 और लंदन ने 7 बटुए लौटाए. पुर्तगाल का लिस्बन शहर सबसे कम ईमानदार पाया गया. यहां के लोगों ने 12 में से सिर्फ 1 बटुआ लौटाया.