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कोटा: 100 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद जागी सरकार, अस्पताल में आएंगे वेंटिलेटर

स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने अस्पताल के NICU वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए आवश्यक निर्माण कार्य 15 जनवरी तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जेके लोन अस्पताल में हाडौती के साथ मध्य प्रदेश से भी प्रसूताएं एवं शिशु आते हैं ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए.

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कोटा का जेके लोन अस्पताल (फोटो-पीटीआई)
कोटा का जेके लोन अस्पताल (फोटो-पीटीआई)

  • कोटा के अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
  • बड़े पैमाने पर खरीदारी के निर्देश
  • 'मरीजों को न हो किसी तरह की परेशानी'
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने शुक्रवार को कोटा के जेके लोन अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के लिए बजट की कमी नहीं है, उसका सदुपयोग कर समय पर उपकरणों की मरम्मत एवं सुविधाओं को दुरूस्त रखा जाए ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो. इस अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है.

रघु शर्मा ने अस्पताल के NICU वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए आवश्यक निर्माण कार्य 15 जनवरी तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जेके लोन अस्पताल में हाडौती के साथ मध्य प्रदेश से भी प्रसूताएं एवं शिशु आते हैं ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए.

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स्वास्थ्य मंत्री ने संक्रमण को रोकने के लिए अस्पताल में सफाई की माकूल व्यवस्था रखने एवं मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के अलावा अनावश्यक भीड़ को प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए. उन्होंने जिला कलक्टर ओम कसेरा को अस्पताल की समय-समय पर जांच करने एवं उपकरणों की खरीद एवं साफ-सफाई व्यवस्था में सहायता के लिए मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए.

बैठक के दौरान चिकित्सा मंत्री ने अस्पताल प्रबंध द्वारा बताई गई आवश्यकताओं को मौके पर ही स्वीकृति देकर अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए भी प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए. उन्होंने अस्पताल में बायोमेडिकल इंजीनियर की सेवाऐं लेने, खाली पदों पर सहायक प्रोफेसर की सेवाऐं लेने के प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की. उन्होंने उपकरणों में 8 वेंटिलेटर, 28 रेग्यूलाईजर, 10 पल्स ऑक्सीमीटर भी खरीदने की अनुमति दी.

मल्टीस्टोरी का प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि अस्पताल परिसर में भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नये वार्डों को बहुमंजिला बनाया जाएगा. उन्होंने जनरल वार्ड के 90 बेड की तीन यूनिट, NICU की 36 वार्ड की 3 यूनिट एवं PICU की 30 वार्ड की 3 यूनिट के प्रस्ताव तैयार कर 7 दिन में भिजवाने के निर्देश दिए. इसके अलावा अस्पताल के मुख्य द्वार एवं चहारदीवारी के मरम्मत कार्य को नियमित रूप से करवाने के निर्देश दिए.

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बच्चों की मौत को बेवजह तूल ना दें

मीडिया से बात करते हुए चिकित्सा मंत्री ने शिशुओं की मौत को बेवजह तूल नहीं देने की बात कही. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संवेदनशीलता के साथ इस मामले की लगातार निगरानी कर रही है. उन्होंने बताया कि दिसम्बर माह में अस्पताल में 1438 शिशु भर्ती हुए जिसमें से 49 शिशु क्रिटिकल अवस्था में रेफर होकर आये थे. इन्हें समुचित इलाज की सुविधा दी गई लेकिन प्रयासों के बावजूद उन्हें नहीं बचा पाया गया.

इलाज में लापरवाही नहीं करें

परिवहन मंत्री और जिला प्रभारी प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि इस मामले में सरकार संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निशुल्क दवा योजना एवं निशुल्क जांच योजना के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी है.

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