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'कोरोना से जंग है ज्यादा जरूरी' कहकर सिपाही ने टाल दी शादी

बाड़मेर के नवातला जैतमाल गांव चौहटन निवासी सिपाही मोहन सिंह ने कोरोना का हवाला देते हुए अपने परिजनों को शादी स्थगित करने का संदेश भेजा. मोहन ने साथ ही यह भी साफ किया कि जब तक देश को कोरोना की महामारी से निजात नहीं मिल जाती, तब तक वह विवाह की रस्में निभाने अपने गांव नहीं आएंगे.

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सिपाही के फैसले की विभागीय अधिकारी भी कर रहे सराहना
सिपाही के फैसले की विभागीय अधिकारी भी कर रहे सराहना

  • 16 अप्रैल को होनी थी शादी
  • अधिकारी भी कर रहे सराहना

पूरी दुनिया कोरोना की महामारी से लड़ रही है. भारत में कोरोना के कारण लॉकडाउन लागू है. बस, रेल, विमान, परिवहन के सभी साधन बंद हैं, तो वहीं कंपनियां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी. शासन-प्रशासन के लोग लगातार लोगों से घर में ही रहने की अपील कर रहे हैं. ऐसे में पुलिस के सिपाही और मेडिकल स्टाफ कोरोना के खिलाफ इस जंग में आगे से मोर्चा लिए हुए हैं.

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कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे योद्धाओं में सिपाही भी अपना फर्ज बखूबी निभा रहे हैं. अपने घर परिवार से दूर रहकर कोरोना के खिलाफ लड़ रहे सिपाही अपनी खुशियों की कुर्बानी देने में भी पीछे नहीं. एक ऐसा ही मामला सामने आया है राजस्थान के बाड़मेर जिले में. जहां सिवाना थाने पर तैनात सिपाही ने अपना फर्ज निभाने के लिए अपनी शादी तक स्थगित कर दी.

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सिपाही ने इस संबंध में कहा कि जब तक देश को कोरोना वायरस की महामारी से निजात नहीं मिल जाती, तब तक वे शादी नहीं करेंगे. बाड़मेर के नवातला जैतमाल गांव चौहटन निवासी सिपाही मोहन सिंह ने कोरोना का हवाला देते हुए अपने परिजनों को शादी स्थगित करने का संदेश भेजा.

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rajasthan_041820044024.jpgबाड़मेर में तैनात है सिपाही

मोहन ने साथ ही यह भी साफ किया कि जब तक देश को कोरोना की महामारी से निजात नहीं मिल जाती, तब तक वह विवाह की रस्में निभाने अपने गांव नहीं आएंगे. मोहन के इस फैसले की विभागीय अधिकारी भी सराहना कर रहे हैं. मोहन की शादी 16 अप्रैल को होनी निर्धारित थी. इसके लिए दोनों पक्षों ने तैयारियां पूरी कर ली थीं.

(दिनेश बोहरा का इनपुट)

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