देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से थामने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए और आगे बढ़ा दिया है. लॉकडाउन बढ़ जाने से अन्य राज्यों में फंसे लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है. यही वजह है कि मुंबई, दिल्ली और सूरत में दिहाड़ी मजदूरों की भारी भीड़ अपने-अपने घरों को जाने के लिए आतुर दिखाई दी.
इसके अलावा तमाम ऐसे लोग भी हैं जो अनधिकृत रूप से लॉकडाउन तोड़कर अपने गृह राज्य जाने के फिराक में लगे हुए हैं. इसके लिए कई लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. राजस्थान के पाली में ऐसे ही 40 लोगों को पुलिस ने एक ट्रक में छिपकर सफर करते हुए पकड़ा है.
जानकारी के मुताबिक ये सभी लोग महाराष्ट्र से जोधपुर जा रहे थे. लेकिन पाली में पुलिस ने ट्रक को रोक लिया और ट्रक में सवार सभी 40 लोगों को वहीं उतार लिया. जिसके बाद सभी लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई और सभी को पास के स्कूल में क्वारनटीन कर दिया गया.
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इसके अलावा जिस ट्रक में ये सभी लोग सवार हो कर जोधपुर जा रहे थे उस ट्रक के चालक के खिलाफ भी पुलिस और राज्य परिवहन विभाग ने कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से जोधपुर पहुंचाने के एवज में ट्रक चालक ने प्रति सवारी 4 हजार रुपये लिए थे. ट्रक चालक अपने शातिर दिमाग की मदद से 3 राज्यों की सीमाएं लांघ कर पाली तक पहुंच गया. लेकिन पाली जिले की रोहट थाना पुलिस को चकमा नहीं दे पाया और पकड़ा गया.
दिल्ली में भी पकड़ी गई थी एक फर्जी एंबुलेंस
ऐसे ही एक मामले में दिल्ली पुलिस ने साउथ दिल्ली के रजोकरी इलाके में एक यूपी नंबर की संदिग्ध एंबुलेंस को देखा तो उसे रोका था. एंबुलेंस में ड्राइवर समेत 9 लोग बैठे थे. पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि एंबुलेंस चला रहा ड्राइवर उन सभी को हरियाणा के मानेसर से बैठाकर उत्तर प्रदेश के बस्ती लेकर जा रहा था.
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आजतक ने किया था स्टिंग ऑपरेशन
एंबुलेंस के गलत इस्तेमाल को लेकर आजतक ने एक स्टिंग ऑपरेशन भी किया था. इंडिया टुडे स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) की जांच से खुलासा हुआ था कि इमरजेंसी के वक्त काम आने वाले इन वाहनों का देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट टैक्सियों की तरह इस्तेमाल कर कुछ शातिर कैसे अपनी जेबें भर रहे हैं. जांच में सामने आया था कि देश के कुछ टॉप अस्पतालों से जुड़े हुए एंबुलेंस ऑपरेटर्स मोटी कीमत वसूल कर स्वस्थ यात्रियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचा रहे हैं.