राजस्थान में कांग्रेस पार्टी अपनी सरकार बचाने में जुटी हुई है. कई दिनों से विधायक होटल में बैठे हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं. राज्यपाल ने जब इस मांग को ठुकरा दिया तो कांग्रेस पार्टी अलग-अलग जगह प्रदर्शन कर रही है. होटल फेयरमाउंट में इसी कड़ी में सोमवार सुबह एक प्रार्थना सभा की गई, जहां पर सभी विधायकों ने महात्मा गांधी के भजन सुने.
विधायकों के साथ इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे. कांग्रेस की ओर से आज देश के अलग-अलग हिस्सों में संविधान, लोकतंत्र बचाओ अभियान चलाया जा रहा है. देश के अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवनों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.
हालांकि, राजस्थान में ऐसा नहीं किया जा रहा है. इसलिए यहां पर भजन-कीर्तन का सहारा लिया गया है. होटल फेयरमाउंट में विधायकों के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, दिल्ली से आए प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, अजय माकेन, अविनाश पांडे भी मौजूद रहे.
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आपको बता दें कि अशोक गहलोत की ओर से पहले ऐलान किया गया था कि अगर जनता राजभवन का घेराव कर लेती है, तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी नहीं होगी. हालांकि, इसपर बवाल बढ़ता देख कांग्रेस ने इस प्लान को खारिज किया, क्योंकि राजभवन घेराव की स्थिति में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती थी और राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता था.
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हालांकि, अलग-अलग राज्यों में ये प्रदर्शन जारी रहा. इससे पहले रविवार को भी कांग्रेस ने स्पीक अप फॉर डेमोक्रेसी का ऑनलाइन कैंपेन भी चलाया था.
साफ है कि कांग्रेस की ओर से लगातार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की गई, लेकिन राज्यपाल ने कहा है कि अभी कोरोना का संकट है इसलिए ऐसा नहीं हो सकता है. जिसके बाद विधायक धरने पर बैठ गए थे. दूसरी ओर अब इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट से हटाकर राजनीतिक तौर पर लड़ने की कोशिश की गई.