पंजाब सरकार ने अलग-अलग विभागों में काम कर रहे निकम्मे, लापरवाह और भ्रष्ट कर्मचारियों की पहचान करने के आदेश दिए हैं. सरकार ने विभाग के प्रमुखों को आदेश दिए हैं वो ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार करें. माना जा रहा है कि इन कर्मचारियों पर आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई हो सकती है.
किन कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज
पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग की चिट्ठी के मुताबिक ऐसे कर्मचारी जिनके कार्यकाल को 15, 20, 25 और 30 साल पूरे हो चुके हैं, जिनकी परफॉर्मेंस पूरी तरह से निचले स्तर की रही है, और जो अपनी कार्यशैली में निकम्मे और लापरवाह पाए गए हैं और जिनके ऊपर इंक्वायरी के बाद ये बातें सत्यापित भी हो चुकी हैं. ऐसे कर्मचारी जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, उनको उनकी सेवाओं से रिटायर कर दिया जाए.
पंजाब पुलिस के भी करीब 6000 भ्रष्ट और लापरवाह कर्मचारियों की एक लिस्ट तैयार की जा रही है. फिलहाल पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग और पंजाब पुलिस के विभागाध्यक्षों से इस तरह की डिटेल मांगी गई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पंजाब सरकार के तमाम विभागों पर ये निर्देश लागू किए जा सकते हैं.
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पंजाब सरकार के प्रवक्ता राजकुमार वेरका ने कहा कि पंजाब सरकार की करप्शन और ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति है. किसी भी तरह से ऐसे कर्मचारियों को सरकार में नहीं रहने दिया जाएगा और पंजाब सरकार चाहती है कि नया टैलेंट सरकार में आए ताकि सरकार का कामकाज बढ़िया तरीके से चल सके. इसलिए ऐसे लोगों को जल्द ही सेवानिवृत्त किए जाने की तैयारी की जा रही है.
विपक्ष ने सरकार को घेरा
वहीं इस पूरे मामले पर अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने पंजाब सरकार को नसीहत दी कि छोटे कर्मचारियों और अधिकारियों पर किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्यवाही करने से पहले पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री खुद अपनी परफॉर्मेंस की समीक्षा करें. उसके बाद ही कर्मचारियों और अधिकारियों पर कोई एक्शन लिया जाए.
आम आदमी पार्टी के पंजाब के नेता अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर सरकार को इस तरह के किसी प्रचलन की शुरुआत करनी है तो उन्हें सबसे पहले ऊपर के स्तर यानि सीएम और उनके कैबिनेट मंत्रियों की परफॉर्मेंस को रिव्यू करके खुद पर ही कार्यवाही करके इसकी शुरुआत करनी चाहिए.
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अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अगर सरकार परफॉर्मेंस के आधार पर कर्मचारियों और अधिकारियों की सरकार से छुट्टी करने की तैयारी कर रही है तो उन्हें सबसे पहले ऐसे मंत्रियों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए, जो लगातार सरकार को हो रहे रेवेन्यू लॉस के लिए जिम्मेदार हैं और जिनके विभागों में करप्शन की बात खुलकर सामने आ चुकी है.
कर्मचारी संगठनों की नजर
पंजाब के कर्मचारी संगठन फिलहाल पंजाब के वॉटर रिसोर्सेस और पंजाब पुलिस विभाग में की जाने वाली इस कार्रवाई की तैयारी पर नजरें टिका कर बैठे हैं और उन्हें लगता है कि पंजाब सरकार की ये चिट्ठियां महज खानापूर्ति है और सरकार किसी भी कर्मचारी पर ऐसा कोई एक्शन नहीं लेगी. इसी वजह से वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाते हुए अभी कर्मचारी संगठन खुलकर इस पूरे मुद्दे पर कुछ भी कहने को सामने नहीं आ रहे हैं.