पंजाब विधानसभा में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार आज शुक्रवार को अपना तीसरा बजट पेश करेगी. पंजाब का खजाना खाली है, जिसके चलते यह बजट भी घाटे का ही होगा. इसके बावजूद लोगों को कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार से काफी उम्मीदें है. ऐसे में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल साल 2020-21 के बजट के जरिए लोकलुभावन घोषणा कर सकते हैं.
पंजाब में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में कैप्टन सरकार प्रदेश में अपने विकास की छवि को बनाए रखना चाहती है, जिसके तहत माना जा रहा है कि वित्त मंत्री नए बजट में शिक्षा, सेहत, बिजली और पानी के आधारभूत मुद्दों पर ध्यान देते हुए कई नई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं.
युवाओं पर हो सकता है फोकस
साथ ही वित्त मंत्री राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में फंड बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं. माना जा रहा है कि इस बार का बजट युवा और कृषि क्षेत्र के लिए खास होगा.
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पंजाब में 2022 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस सरकार किसानों को साधने के लिए बड़ा दांव चल सकती है. पंजाब को 31 हजार करोड़ रुपये के फूडग्रेन कर्ज में 15वें वित्तीय आयोग ने कोई बड़ी राहत नहीं दी है, लेकिन आयोग ने केंद्रीय करों का जो फॉर्मूला बदला है उससे राज्य को अच्छा खासा लाभ होगा. इसका निश्चित रूप से असर बजट पर दिखाई देगा.
पंजाब का खजाना खाली
बता दें कि पंजाब के बीते दो बजट की तरह इस साल भी वित्त मंत्री के लिए बड़ी चिंता राज्य का खाली खजाना है, जिसे भरने के लिए अब तक बनाए सभी रोडमैप बेअसर साबित हुए हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार सत्ता संभालने के बाद से पंजाब की खराब आर्थिक हालत का रोना रो रही है और राज्य की आर्थिक दशा अब भी बहुत खराब है.
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ऐसे में वित्त मंत्री खर्चों की कटौती पर भी बजट में ध्यान देने के साथ राजस्व बढ़ोतरी के उपाय भी जरूर करेंगे. इस खराब आर्थिक हालत के बावजूद बजट के जरिए सरकार अपने राजनीतिक समीकरण को साधने की कवायद में है.