2021 में जाति जनगणना कराने की मांग केंद्र सरकार ने सिरे से नकारी है। सरकार 2011 के सामाजिक-आर्थिक सर्वे में जाति के आंकड़े भी जारी नहीं कर रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर केंद्र सरकार की दिक्कत क्या है? क्योंकि विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने खुलकर जाति जनगणना की मांग रखी थी। बीजेपी की इस अंदरूनी बेचैनी को इस रिपोर्ट के ज़रिए समझने की कोशिश करते हैं. 2016 में जब सामाजिक आर्थिक सर्वे का आंकड़ा तैयार हुआ, तब उसमें जातियों के आंकड़ों में गड़बड़ी के आधार पर उसे जारी नहीं करने का फैसला हुआ. लेकिन एक एक्सपर्ट ग्रुप ने इन आंकड़ों को परखा। एक्सपर्ट ग्रुप की रिपोर्ट का क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं है. देखें वीडियो.
The demand for conducting a caste census in 2021 has been rejected outright by the central government. The government is also not releasing caste figures in the 2011 Socio-Economic Survey. In such a situation, the question arises that what is the problem of the central government? Because while in opposition, BJP had openly demanded caste census. Watch video.