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Congress में क्यों जरूरी है 'कोटे में कोटा' की नीति, पार्टी की नेता से जानें

Congress में क्यों जरूरी है 'कोटे में कोटा' की नीति, पार्टी की नेता से जानें

देश की और अपनी स्थिति पर विचार करने के लिए 400 से अधिक कांग्रेसी उदयपुर में एकत्रित हुए. कांग्रेस ने इसे नाम दिया चिंतन शिविर, जिसमें - राजनीतिक स्थिति, अर्थव्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक दलों की भूमिका, कांग्रेस पार्टी की संगठनात्मक ताकत और कमजोरियां, एकता, विविधता और धर्मनिरपेक्षता के लिए खतरा, औसत परिवार के बोझ, भय और अपेक्षाएं और कई अन्य मामलों पर चर्चा और मंथन हुआ. बैठक में एक प्रपोजल रखा गया - कोटा वीथिन कोटा का. इसके बारे में विस्तार से बताया कांग्रेस की नेता कुमारी शैलजा ने. उन्होंने कहा कि महिलाओं के वर्ग में भी वंचित श्रेणी को आरक्षण मिलना चाहिए. देखें सुप्रिया भरद्वाज की ये रिपोर्ट.

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