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Rajasthan: मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब विधानसभा से भी दूर रहेंगे किरोड़ी लाल मीणा, बजट सत्र के बीच मांगी 'छुट्टी'

किरोड़ी लाल मीणा को इस्तीफा सौंपे हुए कई दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक उसे मंजूरी नहीं दी गई है. लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेसी विधायक उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे.दरअसल, मीणा ने चुनाव के दौरान कहा था कि अगर पूर्वी राजस्थान की 7 सीटों में से बीजेपी (BJP) एक भी हारती है तो वह इस्तीफा दे देंगे.

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किरोड़ीलाल मीणा विधानसभा से रहेंगे दूर
किरोड़ीलाल मीणा विधानसभा से रहेंगे दूर

राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य सरकार में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में गैर हाजिर रहने के लिए स्पीकर से इजाजत मांगी थी, जिसे मंजूर कर लिया गया है. इसी बीच खबरें सामने आई हैं कि किरोड़ी लाल मीणा 14 जुलाई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में मुलाकात कर सकते हैं.किरोड़ी लाल के इस फैसले के बारे में स्पीकर वासुदेव देवनानी ने विधानसभा में बताया, जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया.

मंत्रालय से इस्तीफा देने के बाद मीणा को लेकर तमाम अटकलें चल रही हैं. इसी बीच बजट के दौरान सदन में उनकी गैरहाजिरी को लेकर विपक्ष ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आखिर वह सदन में क्यों नहीं आ रहे हैं और इस विषय पर विधानसभा में चर्चा भी की जानी चाहिए. हालांकि, स्पीकर ने किरोड़ी लाल मीणा को सदन से दूर रहने की अनुमति दे दी है.

इस्तीफा नहीं हुआ है मंजूर


किरोड़ी लाल मीणा को इस्तीफा सौंपे हुए कई दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक उसे मंजूरी नहीं दी गई है. लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेसी विधायक उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे.दरअसल, मीणा ने चुनाव के दौरान कहा था कि अगर पूर्वी राजस्थान की 7 सीटों में से बीजेपी (BJP) एक भी हारती है तो वह इस्तीफा दे देंगे.जबकि इन सात सीटों में से बीजेपी 4 सीटें हार गई थी.

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यह भी पढ़ें: किरोड़ीलाल मीणा का इस्तीफा उपचुनावों से पहले BJP के लिए रेड सिग्नल, यूपी-बिहार में भी सब ठीक नहीं

कई दिनों से चल रही थी इस्तीफे की अटकलें


लोकसभा चुनावों के रिजल्ट के दौरान जब राजस्थान की कई सीटों पर बीजेपी पिछड़ती दिख रही थी तब भी किरोड़ी लाल मीणा ने सोशल मीडिया पर इस्तीफे के संकेत दिए थे. उन्होंने उन्होंने चुनाव परिणामों के बीच सोशल मीडिया पर रामचरित मानस की चौपाई पोस्ट की थी. उन्होंने लिखा था, "रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई."

कहा ये भी जा रहा है कि मीणा ग्रामीण विकास मंत्रालय से पंचायती राज और कृषि मंत्रालय से कृषि विपणन काटकर मंत्री बनाए जाने से पहले दिन से नाराज चल रहे थे. लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर भी उन्हें नाराजगी थी.

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