प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन के चीन दौरे पर हैं. गुरुवार को उनके दौरे का पहला दिन था. वह 13 मई की रात चीन दौरे पर रवाना हुए थे. इस वक्त उन्होंने केसरिया रंग का कुर्ता और ढीला पायजामा पहन रखा था.
अगली सुबह मोदी शियान शियांगयांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे. इस वक्त उन्होंने केसरिया कुर्ते के साथ चूड़ीदार पायजामा पहन रखा था.
प्रधानमंत्री मोदी का शियांगयांग एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया.
यहां एक चीनी बच्ची ने प्रधानमंत्री को गुलदस्ता भेंट किया तो बच्चों से विशेष लगाव रखने वाले प्रधानमंत्री भी उसका हाल-चाल लेने लगे.
एयरपोर्ट पर औपचारिक के साथ साथ पारंपरिक अंदाज में भी मोदी का स्वागत किया गया.
यहां मोदी के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए.
इसके बाद मोदी शियान शहर के टेराकोटा वॉरियर्स म्यूजियम पहुंचे.
म्यूजियम में मोदी काला चश्मा लगाए हुए जुदा अंदाज में नजर आए.
इस म्यूजियम में चीनी शासक किन शी हुआंग की सेना को दिखाया गया है.
मोदी ने टेराकोटा से बनी चीनी योद्धाओं की मूर्तियों का करीब से जायजा लिया.
मोदी ने इन मूर्तियों के संरक्षण पर भी अधिकारियों से जानकारी ली.
मोदी ने म्यूजियम की विजिटर्स बुक में भी मूर्तियों को संरक्षित करने के तरीके की तारीफ की.
इसके बाद मोदी टेराकोटा म्यूजियम से बाहर निकले.
मोदी जब शियान के दा शिंग शान मंदिर पहुंचे तो प्रशंसकों ने उन्हें घेर लिया.
मंदिर के मुख्य पुजारी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
मंदिर में बुद्ध की प्रतिमा के सामने नतमस्तक प्रधानमंत्री.
प्रधानमंत्री ने इस मंदिर में काफी समय बिताया.
फिर मंदिर की विजिटर्स डायरी में उन्होंने हिंदी में टिप्पणी भी लिखी.
मंदिर की ओर से प्रधानमंत्री को एक प्रतीक चिह्न भी दिया गया.
मंदिर के प्रांगण में भारतीय प्रधानमंत्री.
इसके बाद शांगशी गेस्ट हाउश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की.
पीएम ने जिनपिंग से कहा, 'मेरा सम्मान भारत का सम्मान है. शानदार स्वागत और सम्मान के लिए चीन का धन्यवाद. हमने सांस्कृतिक रिश्तों और विरासतों को जोड़ने का काम किया है.'
इसके बाद मोदी और शी जिनपिंग गूज पैगोडा पहुंचे.
इसके बाद मोदी की अगुवाई में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच औपचारिक बातचीत हुई.