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भारत

डॉक्टर पिता की इकलौती संतान थे हिमांशु रॉय, ऐसे बने IPS

डॉक्टर पिता की इकलौती संतान थे हिमांशु रॉय, ऐसे बने IPS
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मायानगरी मुंबई शुक्रवार को जब अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी, तभी दोपहर को एक ऐसी खबर आई जिससे हर किसी की सांसें थम सी गईं. महाराष्ट्र पुलिस के 'सुपर कॉप' कहे जाने वाले हिमांशु रॉय ने शुक्रवार को खुदकुशी कर ली. मुंबई के अपने घर में शुक्रवार दोपहर करीब 1.30 बजे खुदकुशी की. 55 साल के हिमांशु रॉय 1988 महाराष्ट्र कैडर के अफसर थे और अपने कड़े रुख के लिए जाने जाते थे.
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जेडे हत्याकांड हो, आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और या फिर लैला खान डबल मर्डर केस हिमांशु रॉय की दबंग छवि ने हर किसी को अपना कायल बनाया. पत्रकारों से बात करते हुए जब उन्हें किसी सवाल को टालने होता या फिर जिस सवाल को उत्तर वो नहीं देना चाहते थे, उसको अपने किसी मज़ाक से या फिर वन लाइनर से हवा में उड़ा देते थे.
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2013 में जब उन्होंने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग को अपने हाथ में लिया, तो विंदू दारा सिंह, गुरुनाथ मयप्पन जैसे बड़े नामों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ भी की. इसके बावजूद उन्होंने हमेशा ये ही कहा कि आईपीएल का केस तो काफी आसान केस था, उन्होंने इससे भी कई मुश्किल केस हल किए हैं. हिमांशु ने कहा था कि आईपीएल केस में तो सिर्फ उन्हें सबूत जुटाने थे.
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हिमांशु रॉय, एक मुंबईकर. मुंबई के सेंट ज़ैवियर कॉलेज में पढ़े थे. रॉय के पिता कोलाबा में डॉक्टर थे. हिमांशु रॉय ने 12वीं पास करने के बाद मेडिसन में ग्रेजुएशन करने की सोची. लेकिन बाद में CA की पढ़ाई शुरू की. और कुछ ही समय में उसे भी छोड़ दिया.

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दो साल बाद CA की पढ़ाई छोड़ने के बाद उन्होंने IPS की परीक्षा दी. और पुलिस अफसर बने. 1990 में जब वह आईपीएस की परीक्षा देने गए थे, तब वहां उनकी मुलाकात भावना से हुई थी. भावना मशहूर लेखक अमीश त्रिपाठी की बहन थीं, और उस समय IPS का पेपर वहीं ले रही थीं.


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1992 में भावना और हिमांशु ने शादी की, जिसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ी. लेकिन भावना ने IAS की नौकरी छोड़ दी, और HIV समेत समाज के लिए काफी काम किए थे.
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1991 में हिमांशु की पहली पोस्टिंग मालेगांव में हुई थी, जहां उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद मुंबई में जो हालात बिगड़े थे, तब उन्होंने ही हालातों को संभाला था.

1995 में वो नासिक के सबसे युवा SP बने थे और फिर करियर की ऊंचाईयों को छूते चले गए. नासिक के बाद अहमद नगर के SP, इकॉनोमिक ऑफंस विंग के DCP, डीसीपी ट्रैफिक, DCP ट्रैफिक, डीसीपी ज़ोन 1 और नासिक के पुलिस कमिश्नर भी बने थे.
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और फिर 2009 में उन्हें मुंबई के ज्वाइंट कमिश्नर का पद दिया गया था. उन्होंने ही मुंबई में पहली साइबर क्राइम सेल की शुरुआत की थी और महिला सेल को बढ़ावा देने का भी काम किया था.
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ना सिर्फ पुलिस फील्ड में बल्कि बॉलीवुड में भी उनके काफी फैन थे. 2012 में उन्होंने अरबाज़ खान की जिम का उद्घाटन किया था और सभी को फिटनेस के लिए प्रोत्साहित भी किया था.
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1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय का नाम 2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के ड्राइवर आरिफ के एनकाउंटर, पत्रकार जेडे हत्या प्रकरण, विजय पालांडे-लैला खान डबल मर्डर केस जैसे अहम मामलों से जुड़ा रहा.
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