एयर ट्रैवल करते वक्त दिमाग में तमाम तरह के सवाल होते हैं. लेकिन कुछ बेसिक जानकारी से आपका हवाई सफर बेहद आसान हो सकता है. बता दें कि बीसीएएस ने एविएशन कंपनियों से कहा है कि अब उन्हें बोर्डिंग पास का एक हिस्सा अपने पास रखने की जरूरत नहीं है.
इससे पहले देश के 7 महत्वपूर्ण एयरपोर्ट पर हैंड बैगेज पर सिक्युरिटी टैग नहीं लगेंगे. ये 7 एयरपोर्ट है- इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद, बंगलुरु, कोच्चि.
फ्लाइट से सफर करते वक्त हमेशा टिकेट का ईमेल या प्रिंट आउट साथ रखें. दरअसल एयरलाइन काउंटर पर SMS वैलिड नहीं माना जाता है.
अगर आपके पास सामान ज्यादा है तो आप एयरपोर्ट से ट्रॉली ले सकते हैं. ये फ्री सर्विस होती है. हालांकि एयरलाइन रूल्स के मुताबिक एक पैसेंजर को एक कैबिन बैग और दो बड़े बैग ले जाने की परमिशन होती है.
अपने साथ हमेशा ऑरिजनल आईडी कार्ड ही साथ रखें. यदि आपके पास कोई बच्चा ट्रैवल कर रहा है तो उसका बर्थ सर्टीफिकेट साथ रखें.
बोर्डिंग पास मिलते वक्त आप टिकेट काउंटर में विंडो सीट की डिमांड कर सकते हैं. वहीं बैग की चैकिंग के वक्त लैपटॉप , वॉलैट और मोबाइल की अलग से स्क्रीनिंग कराएं.
टेकऑफ करने से पहले आधे घंटे पहले ही टर्मिनल गेट को खोला जाएगा. ऐसे में फोन या इंटरनेट से अपना शेड्यूल चेक करें. डिपार्चर से दो घंटे पहले ही एयरपोर्ट पहुंचे.
कई बार प्लेन टर्मिनल गेट से दूर खड़ा होता है. ऐसे में बस से प्लेन में आपको ड्रॉप किया जाता है. ये भी फ्री सर्विस होती है.
टेकऑफ के बाद एयरप्रेशर में बदलाव के कारण कान में लाइट पेन हो सकता है. च्युंगम या ईयरबड्स से इसे कम किया जा सकता है. ईयरबड्स आप एयरहॉस्टेस से मांग सकते हैं.
फ्लाइट पूरी होने के बाद आप सीट बेल्ट निकाल सकते हैं. एयरपोर्ट पर लगे साइनबोर्ड्स फॉलो करें और बैगेज काउंटर से बैगेज ले लें.