दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुर्खियों में रहने वाली ब्लू वैगनआर कार गुरुवार को चोरी हो गई. दरअसल, कार दिल्ली सचिवालय के सामने खड़ी थी, वहीं से चोरी हो गई. केजरीवाल इसे आम आदमी कार कहते थे. जानिए केजरीवाल की चोरी हुई ब्लू वैगनआर की पूरी कहानी..
कार अरविंद केजरीवाल के एक प्रशंसक कुंदन शर्मा ने आम आदमी पार्टी को डोनेट की थी. कुंदन शर्मा लंदन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे. वो इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़े रहे. साथ ही अन्ना के आंदोलन के पक्ष में सोशल मीडिया पर लिखते थे.
आंदोलन के बाद आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आई. वहीं सलंदन में बैठे कुंदन अपनी ब्लू वैगनआर कार डोनेट करने की सोची. बता दें कि कुंदन का घर दिल्ली के द्वारका में है. यह गाड़ी उनकी पत्नी श्रद्धा शर्मा के नाम पर थी.
इसके बाद कुंदन ने अरविंद केजरीवाल और AAP नेता दिलीप पांडे को ईमेल करके अपनी कार डोनेट करने की इच्छा जता दी. फिर दिलीप पांडे से फोन पर बातचीत कर सब तय हो गया.
1 जनवरी 2013, को कुंदन ने पहली बार अरविंद केजरीवाल से फोन पर बात की. 3 जनवरी 2013 को कुंदन के द्वारका स्थित घर से गाड़ी पिक कर ली गई.
आम आदमी पार्टी ने अपने लेटर-हेड पर गाड़ी स्वीकार करने का प्रमाण पत्र दिया. इस पर लिखा है, ‘DL 9CG-9769 कार का मालिकाना हक आम आदमी पार्टी के पास होगा और इस पर अब श्रद्धा शर्मा की कोई जवाबदेही या नियंत्रण नहीं रहेगा.’
कार डोनेट करते वक्त कुंदन को नहीं मालूम था कि केजरीवाल ही इसका इस्तेमाल करेंगे. इसका उन्हें पता एक न्यूज चैनल के जरिए लगा. जहां केजरीवाल की कार दिखाई दी. जब कैमरा नजदीक गया तो डैशबोर्ड के ऊपर टंगा पेंडेंट भी दिखा. कुंदन के 6 साल के बेटे ने पेंडेंट पहचान लिया. इसके बाद लंदन में बैठे कुंदन ने यूट्यूब पर वह कार्यक्रम देखा. साथ ही यह जानकर बहुत खुश हुए की उनकी डोनेट की हुई कार को केजरीवाल इस्तेमाल कर रहे थे.