ग्लैमर और अमर सिंह का अनूठा संबंध है. चाहे राजनीति का अखाड़ा हो या बॉलीवुड का कोई भी समारोह. अमर सिंह इस रिश्ते का बेहतरीन इस्तेमाल करते रहे हैं.
पार्टी (सपा) महासिचव अमर सिंह देवानंद की फिल्म ‘चार्जशीट’ में गृहमंत्री का किरदार निभाते नजर आएंगे. अमर सिंह ने कहा कि वह सदबहार अभिनेता देवआनंद की फिल्म ‘चार्जशीट’ में अभिनय कर रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र देने वाले अमर सिंह ने कहा था कि पार्टी ने फिल्मी कलाकारों का अपने मतलब के लिये इस्तेमाल किया और अब उन्हें गालियां दी जा रही हैं.
अमर सिंह की शख्सियत कुछ ऐसी रही है कि बॉलीवुड जगत ने दिल खोलकर उनका साथ दिया. हालांकि समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद ग्लैमर की चकाचौंध थोड़ी धुमिल जरूर हुई.
सपा में पार्टी महासचिव के तौर पर अमर सिंह ने मुलायम सिंह यादव के ज्यादातर फैसलों को प्रभावित किया. किन पार्टी और किन नेताओं से कब संबंध बनाना है और कब दूरी . इसका फैसला अमर सिंह ही करते थे.
अमर सिंह ने अंबानी बंधुओं की लड़ाई में भी कूदे.जब वे सपा में थे तो उन्होंने तत्कालीन पेट्रोलियम सचिव को हटाने की मांग की थी.
समाजवादी पार्टी से निष्कासित सांसद अमर सिंह के संगठन ‘लोकमंच’ को निर्वाचन आयोग ने ‘राष्ट्रीय लोकमंच’ के रूप में मान्यता दे दी है.
2009 में न्यूक्लीयर डील से पहले अमर सिंह ने गैर बीजेपी और गैर- कांग्रेसी पार्टियों के सहयोग से तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद की थी. हालांकि उनकी तत्कालीन पार्टी सपा ज्यादा दिनों तक इस राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं रही.
कूटनीति और सियासी ताने-बाने पर अमर सिंह की समझ की जबरदस्त है.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव नोट के बदले वोट मामले में अपने पूर्व पार्टी सहयोगी अमर सिंह के बचाव में भी उतरे. उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा अमर सिंह से पूछताछ किए जाने को अन्याय करार दिया है.
अमर सिंह ने अंबानी बंधुओं की लड़ाई में भी कूदे. जब वे सपा में थे तो उन्होंने पेट्रोलियम सचिव को हटाने की मांग की थी. ज्ञात हो कि पेट्रोलियम मंत्रालय ऐसा है जिसमें एक समय अमर सिंह के बेहद करीबी अनिल अंबानी और देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी दोनों की दिलचस्पी है.
अमर सिंह कहते हैं कि उनके पास बहुत से विकल्प हैं, जिनमें कुछ फिल्मों के प्रस्ताव भी शामिल हैं. इनमें से एक फिल्म में उनका किरदार नक्सलियों के प्रति सहानुभूति रखता है.
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता अमर सिंह की कम्पनियों में काले धन को सफेद बनाने के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय से कराने के आदेश दिए जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं.
अमर सिंह के राजनीतिक जीवन में भले ही एक अप्रत्याशित मोड़ आ गया हो, लेकिन वह कहते हैं कि उनके पास बहुत से विकल्प हैं, जिनमें कुछ फिल्मों के प्रस्ताव भी शामिल हैं.
बॉलीवुड से अमर सिंह का संबंध बहुत पुराना है.
अमर सिंह की शख्सियत कुछ ऐसी रही है कि बॉलीवुड जगत ने दिल खोलकर उनका साथ दिया. हालांकि समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद ग्लैमर की चकाचौंध थोड़ी धुमिल जरूर हुई है.
नोट के बदले वोट कांड हमारी संसद की साख पर सबसे बड़ा हमला था. तीन साल पहले सरकार बचाने के लिए कुछ सांसदों को खरीदे जाने का जैसा कुचक्र रचा गया उसे देख कर पूरा देश स्तब्ध रह गया था.
बाराबंकी जमीन मामला, दादरी परियोजना, उत्तरप्रदेश खनिज विकास परिषद, सहारा द्वारा प्रायोजित लखनऊ में सहारा शहर योजना कुछ ऐसे विवाद हैं जिनका संबंध अमर सिंह और उनके मित्रों से रहा है.
अमिताभ बच्चन,अनिल अम्बानी और सुब्रतो राय कुछ ऐसे ही बड़े नाम हैं जो अमर सिंह और मुलायम सिंह के अच्छे दोस्तों की श्रेणी में आते थे.
यूपी में मुलायम सिंह के तीन साल के कार्यकाल में अमर सिंह पर अपने उच्च श्रेणी के दोस्तों को अनुग्रहित करने के आरोप लगते रहे.
अगर दान मांगने के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जैसी शख्सियत खुद भारत में आकर गुहार लगाए तो दानवीर कर्ण के इस देश में धनकुबेर और राजनेता उन्हें न कैसे करें? पूर्व सपा नेता अमर सिंह ने तो दान देने वालों की शीर्ष जमात में इस्पात सम्राट लक्ष्मी मित्तल के साथ खड़े नजर आए, जिन्होंने 10 लाख से लेकर 50 लाख डॉलर का दान दिया.
कूटनीति और सियासी ताने-बाने पर अमर सिंह की समझ की इज्जत उनके विपक्षी भी करते रहे हैं. भाजपा नेता अरुण शॉरी भी उन्हीं मुरीदों में से एक हैं.
मीडिया में शाहरुख खान और अमर सिंह के बीच मतभेद की खबरें अकसर आती रहीं हैं. हालांकि अमर सिंह ने इस बात से साफ इनकार किया है कि उनके और किंग खान के बीच मन-मुटाव है.
'लिक्वर किंग' विजय माल्या और अमर सिंह के बीच खासी घनिष्ठता तो नहीं है पर सामाजिक मंच पर दोनों ने एक-दूसरे से कभी परहेज भी नहीं किया.
गठबंधन की राजनीति में कई ऐसे मौके आते हैं जब दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं. कुछ ऐसा ही नजारा देखने को तब मिला जब ममता बनर्जी ने अमर सिंह के साथ मंच शेयर किया.
सहारा इंडिया कंपनी के चेयरमैन सुब्रतो राय से अमर सिंह के मधुर संबंध जगजाहिर हैं. एक वक्त पर सियासी दांव-पेच में माहिर अमर सिंह की कॉरपरेट जगत में जबरदस्त पैठ थी.
अमर सिंह की शख्सियत कुछ ऐसी रही है कि बॉलीवुड जगत ने दिल खोलकर उनका साथ दिया. हालांकि समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद ग्लैमर की चकाचौंध थोड़ी धुमिल जरूर हुई है.
नोट के बदले वोट कांड हमारी संसद की साख पर सबसे बड़ा हमला था. अमर सिंह पर इस कांड के सूत्रधार होने का आरोप लगता रहा है.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव नोट के बदले वोट मामले में अपने पूर्व पार्टी सहयोगी अमर सिंह के बचाव में भी उतरे. उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा अमर सिंह से पूछताछ किए जाने को अन्याय करार दिया है और कहा कि इस संकट से उबरने में वह उनकी मदद करेंगे लेकिन उन्हें पुनः पार्टी में शामिल करने की संभावना से इंकार किया.
राज्यसभा सदस्य अमर सिंह की करीबी विश्वासपात्र अभिनेत्री एवं सांसद जयाप्रदा ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व नेता सिंह यदि सच्चाई बयां करते हैं तो कई लोग मुश्किल में आ जाएंगे. सिंह वर्ष 2008 के विश्वास प्रस्ताव के दौरान वोट के लिए नोट मामले में आरोपी हैं.
2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय लखनऊ से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बनाए गए थे. संजय को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था, क्योंकि उन्हें 1993 के मुम्बई विस्फोटों के दौरान अवैध रूप से हथियार रखने और बाद में उसे नष्ट करने का दोषी ठहराया गया था.
2009 लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में उभरे. यह अमर सिंह की रणनीति का हिस्सा था. हालांकि सपा से संबंध टूटने के बाद संजय दत्त ने तो राजनीति से रिश्ता तोड़ लिया पर वे आज भी अमर सिंह को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं.
फिल्मफेयर के एक कार्यक्रम में शाहरुख खान ने अमर सिंह पर टिपण्णी की थी कि अमर सिंह के आँखों में उन्हें दरिन्दगी दिखती है. जिसके बाद मुंबई में अमर सिंह के समर्थकों ने शाहरुख के घर पर भी धावा बोल दिया था.
बॉलीवुड से अमर सिंह का संबंध बहुत पुराना है. अमर सिंह के बॉलीवुड मित्रों की सूची में शिल्पा शेट्ठी का भी नाम है.
बहुत ज्यादा वक्त नहीं बीता जब बिग बी और अमर सिंह अकसर साथ-साथ नजर आते. दोनों के बीच रिश्तों की शुरुआत हुई थी दोस्ती से, लेकिन धीरे धीरे अमर सिंह के लिए बिग बी बड़े भइया बन गए और बिग के लिए के लिए अमर सिंह छोटे भइया.
जब समाजवादी पार्टी से अमर सिंह का साथ छूटा तो बडे भइया और छोटे भइया के रिश्तों में भी खटास आने लगी. और धीरे-धीरे बच्चन परिवार से दूर हो गए अमर सिंह. दोनों सियासी वजह से करीब आए थे और सियासत के दांव-पेंच ही दोनों के बीच दूरियों की वजह बने.
जब उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब राज्य के कामकाज में कॉरपरेट घरानों के नफा-नुकसान का खासा ख्याल रखा जाता था. इसके लिए अमर सिंह को जिम्मेदार माना जाता है.