एक सामरिक कविता पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि में लिखी गई है, जिसकी शुरुआत 1999 में ऑपरेशन विजय के दौरान हुई थी. कविता भारत और पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतंत्र और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर गहरा अंतर बताती है. इसमें पाकिस्तान के शहरों के नामों पर व्यंग्य करते हुए भारत की सैन्य शक्ति और संकल्प को दर्शाया गया है और कहा गया है, "गोली मारने से पहले तुमसे पूरा हनुमान चालीसा पढ़वाएंगे". देखें...