नवंबर महीने में धान कटाई के सीजन के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है. दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर 400 AQI के पार दर्ज किया गया. अब इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ( NGT) ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को फटकार लगाई है.
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को दिया निर्देश
एनजीटी ने केवल दिल्ली में GRAP को लागू करने और रद्द करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को खूब सुनाया. साथ ही ये भी पूछा कि CAQM का क्या कार्य है? वे बस GRAP को रद्द करते हैं और लागू करते हैं. उनके 90% सदस्य बैठकों में शामिल नहीं होते हैं.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग पंजाब और हरियाणा को 2024 में पराली जलाने से रोकने के लिए एक कार्य योजना बनाने को कहा है. एनजीटी ने कहा कि अगर आप इसपर फैसला नहीं लेंगे तो अगले साल पंजाब में फिर पराली जलाई जाएगी. बता दें कि नंवबर के शुरुआती दिनों में पंजाब हरियाणा में पराली जलाने के चलते पॉल्यूशन में काफी इजाफा हुआ था. इस दौरान बड़ी संख्या में पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माना भी लगाया गया था.
दिल्ली में हटा लिए गए हैं GRAP 3 के प्रतिबंध
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने फिलहाल दिल्ली NCR में GRAP 3 के प्रतिबंधों को हटाने का फैसला किया है. दरअसल, राजधानी में औसतन AQI में मामूली सुधार हुआ है. ऐसे में जनता GRAP 3 के प्रतिबंधों से ज्यादा परेशान ना हो इसलिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ये फैसला लिया है. इस फैसले को तुरंत पूरे एनसीआर में लागू करने का फैसला भी लिया गया है. बता दें GRAP को चार कैटेगरी में लागू किया जाता है. स्टेज 1-AQI का स्तर 201 से 300 के बीच है. स्टेज 2-AQI का स्तर 301 से 400 के बीच है. स्टेज 3-AQI का स्तर 401 से 450 के बीच है. स्टेज 4-AQI का स्तर 450 के ऊपर है.
अभी भी दिल्ली की हवा खराब
GRAP 3 के प्रतिबंधों को हटाने के बीच दिल्ली के कुछ इलाकों में AQI अभी भी खराब से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है, तो वहीं, कुछ इलाकों में AQI अब भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है. दिल्ली के आईटीआई शाहदरा इलाके में सुबह आठ बजे के करीब वायु गुणवत्ता सूचकांक 383 दर्ज किया गया. आनंद विहार इलाके में AQI 326 दर्ज किया गया. ओखला इलाके में AQI 310 दर्ज किया गया.